नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने ‘‘जूनियर पब्लिक हेल्थ नर्स ग्रेड-टू’’ पद पर भर्ती के लिए जारी अधिसूचना में निर्धारित न्यूनतम योग्यता से अधिक उच्च योग्यता को स्वीकार करने वाली केरल लोक सेवा आयोग (केपीएसएसी) की नीति के खिलाफ दायर एक अपील खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजय करोल की पीठ ने केरल उच्च न्यायालय और केरल प्रशासनिक न्यायाधिकरण के समान विचारों से सहमति जताते हुए कहा कि वह ‘‘इस विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं हैं’’।
यह मामला 31 दिसंबर 2012 की उस अधिसूचना से संबंधित है, जिसमें ‘जूनियर पब्लिक हेल्थ नर्स ग्रेड-टू’ पद पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस पद के लिए ‘सहायक नर्स मिडवाइफरी (एएनएम) प्रमाणपत्र’ आवश्यक था।
हालांकि, एक उम्मीदवार एलिज़ाबेथ थॉमस के पास ‘जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी’ (जीएनएम) में डिप्लोमा था, जो एएनएम प्रमाणपत्र से उच्च योग्यता है।
केरल लोक सेवा आयोग ने इससे पहले ‘योग्यता के अभाव’ के आधार पर उन्हें ‘शॉर्टलिस्ट’ किये गये उम्मीदवारों में शामिल करने से इनकार कर दिया था।
उच्च न्यायालय एवं न्यायाधिकरण के पूर्व आदेशों में, फैसला थॉमस के पक्ष में था, क्योंकि उनके जीएनएम प्रमाण-पत्र को पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाला माना गया था।
भाषा सुरेश दिलीप
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