BJP MLA Firing Case/Image Credit: IBC24.in
BJP MLA Firing Case: नई दिल्ली: बिहार के साहिबगंज विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक राजू कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि, दिल्ली के एक फार्महाउस में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई हर्ष फायरिंग के मामले में एक नया मोड़ आ चुका है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी करार दिया है। इसके साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अब उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं, उनको अयोग्य ठहराया जा सकता है।
आपकी जानकारी के लिए लिए बता दें कि, दिल्ली में हर्ष फायरिंग के दौरान एक महिला की मौत के मामले में आरोपी BJP विधायक राजू कुमार सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने IPC की धारा 304 पार्ट-2 और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी ठहराया है। दोषसिद्धि के तुरंत बाद कोर्ट ने विधायक को हिरासत में लेने के आदेश दिए, जिसके बाद पुलिस ने को गिरफ्तार कर लिया। (BJP MLA Firing Case) अब इस मामले में सजा के बिंदु पर बहस 9 जून, सोमवार को होगी। वहीं दूसरी तरफ इस मामले में विधायक राजू कुमार सिंह की पत्नी रेनू सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इसके अलावा मामले के दो अन्य आरोपी राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को भी समुचित सबूतों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
BJP MLA Firing Case: ये मामला 31 दिसंबर 2018 का है। विधायक ने न्यू ईयर पार्टी के दौरान अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से हवाई फायरिंग की थी। इसी दौरान चली गोली एक महिला को लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने विधायक राजू सिंह और उनके सहयोगी को गिरफ्तार भी किया था। (BJP MLA Firing Case) कोर्ट ने अपने अवलोकन में कहा कि नए साल की पार्टी में आरोपी द्वारा अपनी पिस्तौल से गोली चलाने का कृत्य ये दर्शाता है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि भीड़भाड़ वाली पार्टी में फायरिंग करने से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट की तरफ से कहा गया है कि, आरोपी को अपने कृत्य के परिणामों का अंदाजा था, इसलिए गैर इरादतन हत्या का मामला बनता है। इस मामले में साल 2023 में अदालत ने राजू सिंह, उनकी पत्नी रानू सिंह तथा उनके सहयोगियों रामेंद्र सिंह और राणा राजेश सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। (BJP MLA Firing Case) कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया IPC की धारा 304 (भाग-2) और शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत मामला बनता है।
BJP MLA Firing Case: इसके बाद मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ी और अब अदालत ने अंतिम रूप से उन्हें दोषी ठहरा दिया है। राजू कुमार सिंह के दोषी करार दिए जाने के बाद अब राजनीतिक हलकों में उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अंतिम स्थिति सजा की अवधि और उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी, लेकिन कोर्ट के फैसले ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
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