मीरवाइज ने शराब और मादक पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का किया आग्रह

मीरवाइज ने शराब और मादक पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का किया आग्रह

मीरवाइज ने शराब और मादक पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का किया आग्रह
Modified Date: May 8, 2026 / 06:28 pm IST
Published Date: May 8, 2026 6:28 pm IST

श्रीनगर, आठ मई (भाषा) मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर सरकार से शराब नीति पर पुनर्विचार करने और केंद्र शासित प्रदेश में मादक पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया।

मीरवाइज ने मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि एक प्रकार की लत से लड़ते हुए दूसरे को बढ़ावा देना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि युवाओं की सुरक्षा के लिए एक सार्थक रणनीति में सभी प्रकार के नशे को खत्म करना आवश्यक है।

मीरवाइज ने मादक पदार्थों के खतरे का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों के तस्करों और नेटवर्क पर की गई कार्रवाई एक स्वागत योग्य पहल है तथा युवाओं को नशे की इस विकराल स्थिति से बचाने के लिए किया गया हर नेक प्रयास सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि यह (मादक पदार्थ) आज के समाज के सामने सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है।

मीरवाइज ने यहां जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान कहा, “साथ ही, इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि राजनीतिक संघर्ष, अनिश्चितता, तनाव एवं सीमित आर्थिक अवसरों के बीच पली-बढ़ी पीढ़ी नशे की लत के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। इस संकट को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से और गिरफ्तारियों व संपत्ति की कुर्की की सनसनीखेज खबरों के माध्यम से नहीं देखा जा सकता।”

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनके नेटवर्क को खत्म करना आवश्यक है।

मीरवाइज ने कहा, “केवल पुलिसिंग से इस स्वास्थ्य आपातकाल का समाधान नहीं हो सकता, न ही एक घायल समाज को ठीक किया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि स्थिति एक समग्र दृष्टिकोण की मांग करती है, जहां युवाओं को आश्वासन और अवसर मिलें जो एक उज्ज्वल भविष्य की आशा व वादे को फिर से जगा सकें।

फारूक ने कहा कि समाज को ईमानदारी से यह भी स्वीकार करना होगा कि लत केवल मादक पदार्थों तक ही सीमित नहीं है, शराब भी एक नशा है और एक खतरनाक सामाजिक बुराई है।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव


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