मीरवाइज ने नजरबंदी का दावा किया, अधिकारियों की आलोचना की

मीरवाइज ने नजरबंदी का दावा किया, अधिकारियों की आलोचना की

मीरवाइज ने नजरबंदी का दावा किया, अधिकारियों की आलोचना की
Modified Date: September 19, 2025 / 03:41 pm IST
Published Date: September 19, 2025 3:41 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

श्रीनगर, 19 सितंबर (भाषा) हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने दावा किया कि उन्हें यहां जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए लगातार दूसरे शुक्रवार को भी अनुमति नहीं दी गई।

मीरवाइज ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, ‘लगातार दूसरे शुक्रवार को मुझे जामा मस्जिद जाने की अनुमति नहीं दी गई।’

हुर्रियत अध्यक्ष ने पहले दावा किया था कि पूर्व हुर्रियत प्रमुख अब्दुल गनी भट की मौत के बाद बुधवार रात उन्हें नजरबंद कर दिया गया।

मीरवाइज ने कहा, ‘अधिकारी अपनी मर्जी से हमारे बुनियादी अधिकारों पर अंकुश लगाते हैं। अगर हमें प्रोफेसर भट साहब के जनाजे में शामिल होने और दिवंगत आत्मा के लिए दुआ मांगने की इजाजत दी जाती, तो आसमान नहीं टूट पड़ता। क्या अधिकारी मृतकों से इतना डरते हैं।’

उन्होंने कहा कि अधिकारी ‘बल प्रयोग’ करके लोगों की आस्था को दबा नहीं सकते।

फारूक ने कहा, ‘हफ्ते-दर-हफ्ते मुझे अपने घर में बंद रखा जाना, ऐतिहासिक जामा मस्जिद में प्रवेश पर रोक, इस बात का सबूत है कि हम एक तानाशाही व्यवस्था में रह रहे हैं। हमें अपने नेता का सम्मान करने, उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने और उनके निधन पर सामूहिक रूप से दुख साझा करने के अधिकार से वंचित करना और मस्जिदों में नमाज पढ़ने से जबरन रोकना बेहद निंदनीय है। क्रूर शक्ति आस्था और सम्मान व न्याय की चाहत को दबा नहीं सकती।’

भाषा सुमित दिलीप

दिलीप


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