आइजोल, नौ जनवरी (भाषा) कांग्रेस-एमएनएफ गठबंधन ने शुक्रवार को दक्षिण मिजोरम के लॉगतलाई जिले में लाई स्वायत्त जिला परिषद (एलएडीसी) में अगले कार्यकारी निकाय के गठन का दावा पेश किया।
एमएनएफ के मीडिया और प्रचार प्रकोष्ठ के सचिव लल्लेनमाविया जोंगटे ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच एक समझौता हुआ और उन्होंने ‘यूनाइटेड लेजिस्लेचर पार्टी’ (यूएलपी) का गठन किया, जिसने सी. ललसावमजुआला को अपना नेता चुना और उन्होंने राज्यपाल विजय कुमार सिंह के समक्ष अगली कार्यकारी समिति के गठन का दावा पेश किया।
उन्होंने कहा, ‘समझौते के अनुसार एमएनएफ को मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) और उप सीईएम के पद दिए गए हैं, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहेगी।’
उन्होंने कहा कि यूएलपी को परिषद में 15 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जबकि जीत के लिए जादुई आंकड़ा 13 है।
तीन दिसंबर को हुए चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत न मिलने के कारण त्रिशंकु सदन की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से एलएडीसी में एक महीने से अधिक समय से राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है।
नौ दिसंबर को घोषित चुनाव परिणामों के अनुसार, 20 उम्मीदवारों को मैदान में उतारने वाली एमएनएफ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और उसे आठ सीट पर जीत हासिल हुई, जबकि 14 सीट पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस सात सीट जीतकर दूसरे स्थान पर रही।
सभी 25 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद जेडपीएम केवल छह सीट ही हासिल कर पाई और 10 उम्मीदवार मैदान में उतारने वाली भाजपा को दो सीट पर जीत हासिल हुई।
पूर्व मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) वी. ज़िरसांगा सहित दो स्वतंत्र उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।
एमएनएफ और कांग्रेस ने चुनाव पूर्व समझौता किया था। हालांकि कांग्रेस ने यह आरोप लगाते हुए कि एमएनएफ ने अन्य दलों से कई निर्वाचित सदस्यों की खरीद-फरोख्त का प्रयास करके समझौते का उल्लंघन किया है, चुनाव के बाद इसे रद्द कर दिया।
इसके बाद जेडपीएम और कांग्रेस के बीच एक समझौता हुआ।
हालांकि, यह समझौता साकार नहीं हो सका और घटनाक्रम में अचानक आए बदलाव के चलते जेडपीएम और एमएनएफ ने हाथ मिला लिया और 14 दिसंबर को ‘लैराम लेजिस्लेचर पार्टी’ (एलएलपी) का गठन किया और अगले दिन राज्यपाल के समक्ष अगली कार्यकारी समिति के गठन का दावा पेश किया।
इसके बाद एमएनएफ ने मंगलवार को जेडपीएम से संबंध तोड़ लिए और अनसुलझे राजनीतिक मुद्दों का हवाला देते हुए एलएलपी से बाहर निकल गया।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश