मोदी सरकार की विदेश नीति ‘भारत- प्रथम’ नहीं, ‘पीआर-प्रथम’ है: कांग्रेस

मोदी सरकार की विदेश नीति 'भारत- प्रथम' नहीं, 'पीआर-प्रथम' है: कांग्रेस

मोदी सरकार की विदेश नीति ‘भारत- प्रथम’ नहीं, ‘पीआर-प्रथम’ है: कांग्रेस
Modified Date: June 20, 2026 / 04:46 pm IST
Published Date: June 20, 2026 4:46 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी हालिया मुलाकात में भारतीय नाविकों की मौत का विषय नहीं उठाया और माफी की मांग नहीं की, क्योंकि उनकी सरकार की विदेश नीति ‘भारत-प्रथम’ के बजाय ‘पीआर-प्रथम’ है।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर को स्पष्ट बयान देना चाहिए कि अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों के मामले में प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने असल में क्या बात रखी?

खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ’12 वर्षों में मोदी सरकार की विदेश नीति भारत-प्रथम के बजाय विनाशकारी रूप से पीआर-प्रथम रही है। रणनीतिक महत्व के मामलों में अमेरिका को खुश करने के लिए अपनी संप्रभुता से समझौता करना, राष्ट्रीय हितों को दांव पर लगाना और हद से ज़्यादा झुकना, यही प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति का सार है।’

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी को ट्रंप द्वारा बार-बार नज़रअंदाज़ किया जाना केवल उनका अपमान नहीं है, यह 140 करोड़ भारतीयों के लिए भी शर्मनाक है।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे महान देश की बुनियादी गरिमा को अपने करीबी दोस्त डोनाल्ड ट्रंप की मनमर्जी के आगे सौंप दिया है।

उन्होंने कहा, ‘कड़वी सच्चाई यह है कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हवाई हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ने न तो ट्रंप प्रशासन से बिना शर्त माफ़ी की मांग की और न ही अफ़सोस ज़ाहिर करने की कोई मामूली कोशिश ही की। इसके उलट, केंद्रीय मंत्रियों, आईटी सेल और बीजेपी के चुनिंदा मीडिया समूहों ने मोदी जी की एक तस्वीर फैलाई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने नाविकों का मुद्दा उठाया।’

उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कोई अफ़सोस, कोई पछतावा, कोई माफ़ी या कोई संवेदनशील बयान नहीं दिया, बल्कि यह कहा कि ऐसी चीज़ें तो हमेशा से होती रही हैं।

खेड़ा ने यह दावा भी किया, ‘उनके करीबी दोस्त जो भी कहते हैं, मोदी जी वही करते हैं, जिससे भारत की साख को नुकसान पहुंचता है…. ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री की तारीफ़ करना बेमतलब है। मोदी जी की चुप्पी ही असल सच्चाई है।’

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘क्या विदेश मंत्री इस बारे में कोई स्पष्ट बयान देंगे कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों के मामले में प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने असल में क्या बात रखी? उस बैठक का ब्योरा क्या था?’

खेड़ा ने कहा, ‘आज, दुर्भाग्यवश, भारत से साझेदारी की नहीं, बल्कि आदेश की भाषा में बात की जा रही है, जहां निर्देश दिए जाते हैं, बातचीत नहीं होती, जहां अनुपालन को स्वाभाविक माना जाता है…140 करोड़ भारतीय एक समझौतावादी प्रधानमंत्री के हाथों यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।’

भाषा हक राखी दिलीप

दिलीप


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