मोदी नारी शक्ति पर उपदेश देते हैं जबकि भाजपा बलात्कारियों को माला पहनाती है : सागरिका घोष

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मोदी नारी शक्ति पर उपदेश देते हैं जबकि भाजपा बलात्कारियों को माला पहनाती है : सागरिका घोष

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 05:16 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 05:16 PM IST

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस नेता सागरिका घोष ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महिलाओं के अधिकारों के मामले में केवल बयानबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नारी-शक्ति की बात करते हैं, जबकि उनकी पार्टी ‘‘बलात्कारियों को माला पहनाती है।’’

राज्यसभा में तृणमूल की उपनेता घोष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मोदी की पिछली टिप्पणियों की भी आलोचना की, जिसमें 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर की गई उनकी ‘‘दीदी-ओ-दीदी’’ वाली टिप्पणी भी शामिल है।

घोष ने कहा, ‘‘दीदी-ओ-दीदी’ कहकर मजाक उड़ाने से लेकर ‘50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’ जैसे भद्दे कटाक्ष के बाद मोदी अब नारी शक्ति पर उपदेश दे रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी पार्टी को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, जो यौन उत्पीड़न के आरोपियों की रक्षा करती है, बलात्कारियों को माला पहनाती है, और शक्तिशाली लोगों को बचाती है।’’

घोष ने कहा कि यह सशक्तीकरण नहीं बल्कि ‘चुनावी नौटंकी’ है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर भाजपा महिलाओं के अधिकारों पर सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है। उन्होंने भाजपा पर पाखंड के साथ लैंगिक समानता के उद्देश्य को नष्ट करने का भी आरोप लगाया।

तृणमूल नेता की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पूरे भारत में करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। मोदी ने सभी सांसदों से इस कदम का समर्थन करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में यह भी कहा कि यह कदम उस सिद्धांत की पुष्टि है जिसने लंबे समय से भारत की सभ्यतागत विचारधारा का मार्गदर्शन किया है कि समाज तभी प्रगति करता है जब महिलाएं प्रगति करती हैं।

उन्होंने कहा कि अब जरूरत है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले समय में राज्यों के विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के प्रावधानों के साथ कराए जाएं।

भाषा आशीष वैभव

वैभव