MBBS Fees New Rules :अब नहीं चलेगी मेडिकल कॉलेजों की मनमानी, डॉक्टर बनने का सपना होगा सस्ता, NMC ने MBBS करने वाले छात्रों को दी राहत

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नेशनल मेडिकल कमीशन के नए निर्देश के बाद अब MBBS छात्रों को इंटर्नशिप अवधि की फीस नहीं देनी होगी। इस फैसले से लाखों रुपये की बचत होने की उम्मीद है।

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 07:36 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 07:36 PM IST

MBBS Fees New Rules / Image Source : FREEPIK

HIGHLIGHTS
  • MBBS छात्रों से अब केवल 54 महीनों की फीस ली जाएगी।
  • इंटर्नशिप अवधि में फीस वसूलना नियमों के खिलाफ बताया गया।
  • छात्रों को 5 से 10 लाख रुपये तक राहत मिल सकती है।

नई दिल्ली : MBBS Fee New Rules  नेशनल मेडिकल कमीशन ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अब एमबीबीएस (MBBS) के छात्रों को केवल साढ़े चार साल के अकादमिक कोर्स की ही फीस चुकानी होगी। अक्सर कॉलेज पूरे 5 या 5.5 साल की फीस मांगते थे, लेकिन अब इंटर्नशिप की अवधि को इस शुल्क से बाहर कर दिया गया है।

क्या है NMC का नया आदेश?

एनएमसी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई संस्थान अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) के एक साल की भी मोटी फीस वसूल रहे हैं। कमीशन ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा इंटर्नशिप केवल ट्रेनिंग का हिस्सा है, इसमें कोई औपचारिक क्लास या पढ़ाई नहीं होती। इसलिए इस दौरान फीस लेना अवैध और नियमों के खिलाफ है।

5 से 10 लाख रुपये तक की सीधी बचत होने की उम्मीद

कॉलेजों को सख्त चेतावनी दी गई है कि उनका फीस ढांचा पारदर्शी होना चाहिए, जो संस्थान नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन पर कानूनी और नियामक कार्रवाई की जाएगी।प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के परिवारों को इस फैसले से करीब 5 से 10 लाख रुपये तक की सीधी बचत होने की उम्मीद है। एमबीबीएस कोर्स के नए नियमों के तहत अब केवल 54 महीनों की ही फीस देय होगी। एनएमसी का यह फैसला छात्रों पर से आर्थिक बोझ कम करने और मेडिकल शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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