MBBS Fees New Rules / Image Source : FREEPIK
नई दिल्ली : MBBS Fee New Rules नेशनल मेडिकल कमीशन ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अब एमबीबीएस (MBBS) के छात्रों को केवल साढ़े चार साल के अकादमिक कोर्स की ही फीस चुकानी होगी। अक्सर कॉलेज पूरे 5 या 5.5 साल की फीस मांगते थे, लेकिन अब इंटर्नशिप की अवधि को इस शुल्क से बाहर कर दिया गया है।
एनएमसी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई संस्थान अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) के एक साल की भी मोटी फीस वसूल रहे हैं। कमीशन ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा इंटर्नशिप केवल ट्रेनिंग का हिस्सा है, इसमें कोई औपचारिक क्लास या पढ़ाई नहीं होती। इसलिए इस दौरान फीस लेना अवैध और नियमों के खिलाफ है।
कॉलेजों को सख्त चेतावनी दी गई है कि उनका फीस ढांचा पारदर्शी होना चाहिए, जो संस्थान नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन पर कानूनी और नियामक कार्रवाई की जाएगी।प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के परिवारों को इस फैसले से करीब 5 से 10 लाख रुपये तक की सीधी बचत होने की उम्मीद है। एमबीबीएस कोर्स के नए नियमों के तहत अब केवल 54 महीनों की ही फीस देय होगी। एनएमसी का यह फैसला छात्रों पर से आर्थिक बोझ कम करने और मेडिकल शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।