मोदी, शाह और शुभेंदु ने हरिचंद ठाकुर की जयंती पर मतुआ समुदाय को शुभकामनाएं दीं
मोदी, शाह और शुभेंदु ने हरिचंद ठाकुर की जयंती पर मतुआ समुदाय को शुभकामनाएं दीं
कोलकाता, 16 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भााजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को मतुआ समुदाय को उनके आध्यात्मिक नेता हरिचंद ठाकुर की 215वीं जयंती पर शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर उत्तर 24 परगना में मतुआ धर्म मेला आयोजित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा, “मतुआ धर्म मेले के सभी श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं! यह विशेष अवसर पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी की जयंती से जुड़ा है। मैं उन्हें विनम्र प्रणाम करता हूं। उनके विचार और शिक्षाएं आज भी अनेक लोगों को शक्ति और आशा प्रदान करती हैं। उन्होंने गरिमा, समानता और भक्ति के लिए एक सशक्त आंदोलन को जन्म दिया। उन्होंने पीढ़ियों को धर्म, सद्भाव और सामूहिक उत्थान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।”
मोदी ने कहा, “मतुआ संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराएं गहरी आध्यात्मिक शक्ति तथा समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह हमारे राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध करती हैं। पिछले एक दशक से हमारी सरकार मतुआ समुदाय के कल्याण, सशक्तिकरण और गरिमा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”
शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्री श्री ठाकुर एक महान और दिव्य आत्मा थे। उन्होंने हमारे शाश्वत ज्ञान और आध्यात्मिकता में गहराई से उतरकर भक्ति, समानता और नैतिक जीवन से जुड़ी अमूल्य शिक्षाएं दीं, जो आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक हैं।’’
उन्होंने मतुआ धर्म मेला द्वारा इन सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत किए जाने की उम्मीद जताई।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में हरिचंद ठाकुर को ‘जय हरिबोल’ कहकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया जिलों समेत पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में मतुआ समदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं तथा इसलिए चुनावी राज्य में इसे निर्णायक वर्ग माना जाता है।
पूर्ववर्ती पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से पलायन कर ने वाले हिंदू शरणार्थी और उनके वंशजों वाला यह समुदाय पश्चिम बंगाल में एक प्रमुख वोट बैंक है और विधानसभा चुनावों में कई सीट पर निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
भाजपा और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस दोनों ही मतुआ समुदाय तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
भाषा यासिर नरेश
नरेश

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