मोदी ने बेहतर भूमि उपयोग, अतिरिक्त आय हासिल करने में किसानों की सफलता की कहानियां बयां कीं

मोदी ने बेहतर भूमि उपयोग, अतिरिक्त आय हासिल करने में किसानों की सफलता की कहानियां बयां कीं

मोदी ने बेहतर भूमि उपयोग, अतिरिक्त आय हासिल करने में किसानों की सफलता की कहानियां बयां कीं
Modified Date: February 22, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: February 22, 2026 4:40 pm IST

नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में केरल के एक गांव को एक ही खेत में धान की 570 किस्में उपजाने में मिली सफलता और ओडिशा के एक किसान द्वारा भूमि के बेहतर उपयोग एवं पानी की बचत के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने के बारे में बताया।

मोदी ने कहा कि देश के किसानों की मेहनत का असर आंकड़ों में भी दिख रहा है और भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।

उन्होंने कहा कि 15 करोड़ टन से अधिक चावल का उत्पादन कोई छोटी उपलब्धि नहीं है क्योंकि देश अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही वैश्विक खाद्य भंडार में भी योगदान दे रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं हैं बल्कि वे धरती के सच्चे साधक हैं और लोगों को उनसे सीखना चाहिए कि मिट्टी से सोना कैसे बनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि कई किसान परंपरा और प्रौद्योगिकी को साथ लेकर चल रहे हैं और कुछ किसान न केवल उत्पादन पर बल्कि गुणवत्ता और नये बाजारों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ओडिशा में हिरोद पटेल नाम के एक युवा किसान की कहानी बहुत प्रेरक है। करीब आठ साल पहले तक वह अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ पारंपरिक ढंग से धान की खेती करते थे लेकिन फिर उन्होंने खेती को नये नजरिए से देखना शुरू किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने अपने खेत के तालाब के ऊपर मजबूत जालीदार ढांचा बनाया। उस पर बेल वाली सब्जियां उगाई, तालाब के चारों ओर केले, अमरूद और नारियल के पौधे लगाए तथा तालाब में मछली पालन भी शुरू किया।’’

उन्होंने कहा कि यानी एक ही जगह पर पारंपरिक खेती भी हो रही है, सब्जियां-फल भी उगाए जा रहे हैं और मछलीपालन भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे जमीन का बेहतर उपयोग हुआ, पानी की बचत हुई और अतिरिक्त आमदनी भी मिली।

मोदी ने कहा, ‘‘आज दूर-दूर से किसान उनका यह मॉडल देखने आते हैं।’’

प्रधानमंत्री में कहा कि केरल के त्रिशूर में एक गांव ऐसा भी है जहां एक ही खेत में धान की 570 किस्में लगायी जाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें स्थानीय किस्में भी हैं, हर्बल किस्में भी हैं और दूसरे राज्यों से लायी गयी प्रजातियां भी हैं। यह केवल खेती नहीं है बल्कि बीजों की विरासत को बचाने का महा अभियान है।’’

मोदी ने कहा कि कृषि उत्पाद अब हवाई मार्ग से विदेशों तक अधिक आसानी से पहुंच रहे हैं, जैसे कर्नाटक के नंजनगुड केले, मैसूरु के पान के पत्ते और इंडी नींबू मालदीव को निर्यात किए गए।

उन्होंने कहा, ‘‘ये उत्पाद अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं और इन्हें जीआई टैग भी मिला है। आज का किसान गुणवत्ता भी चाहता है, उत्पादन भी बढ़ा रहा है और अपनी पहचान भी बना रहा है।’’

भाषा गोला सुभाष

सुभाष


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