मोदी ने दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों, बसों को बदलने की योजना को मंजूरी का स्वागत किया

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मोदी ने दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों, बसों को बदलने की योजना को मंजूरी का स्वागत किया

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 09:42 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 09:42 PM IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने की योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा दी गई मंजूरी का स्वागत किया तथा कहा कि इस कदम से क्षेत्र में प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

इस योजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत उन ट्रक और बस के मालिकों को प्रोत्साहित करना है, जिनके वाहन बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों वाले हैं, ताकि वे अपने वाहनों को बीएस-6 या उससे अधिक कड़े उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से बदल सकें।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक योजना को मंजूरी दी है, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगी। यह योजना वायु गुणवत्ता में सुधार करेगी और वाहन मालिकों को लाभ पहुंचाएगी।’’

भारतीय एयरलाइन के लिए एटीएफ की कीमतों से जुड़े फैसले को कैबिनेट की मंजूरी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इससे किफायती हवाई संपर्क बनाए रखने, एयरलाइन संचालन को समर्थन देने और यात्रियों पर बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

मोदी ने कहा, ‘‘इससे टियर-2 और टियर-3 के शहरों से संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन एवं रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।’’

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत स्थिर बनाये रखने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष की मंजूरी दी।

प्रधानमंत्री ने ओडिशा के रामेश्वर से पारादीप तक एक नये तटीय राजमार्ग के निर्माण के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी की भी सराहना की और कहा कि इससे खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में संपर्क में सुधार होगा और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

तेलंगाना में आर्मूर, जगतियाल, मंचरियाल और करीमनगर को जोड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों के चौड़ीकरण को कैबिनेट की मंजूरी पर मोदी ने कहा कि इससे राज्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे कनेक्टिविटी में सुधार होगा, यात्रा का समय कम होगा, भीड़भाड़ कम होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।’’

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश