Mohan Bhagwat: ‘भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना जरूरी नहीं..’, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया चौंकाने वाला बयान, जानिए वजह

Mohan Bhagwat: 'भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना जरूरी नहीं..', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया चौंकाने वाला बयान, जानिए वजह

Mohan Bhagwat: ‘भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना जरूरी नहीं..’, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया चौंकाने वाला बयान, जानिए वजह

Mohan Bhagwat/Image Source: IBC24

Modified Date: November 19, 2025 / 07:22 am IST
Published Date: November 19, 2025 7:21 am IST
HIGHLIGHTS
  • गुवाहाटी में कार्यक्रम के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा
  • भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना जरूरी नहीं: मोहन भागवत
  • जो भी भारत पर गर्व करता है, वह हिंदू है: मोहन भागवत

गुवाहाटी: Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत और हिंदू स्वाभाविक रूप से पर्यायवाची हैं और इसकी सभ्यतागत पहचान हजारों सालों की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी हुई है।

असम में बोले RSS प्रमुख (RSS Hindu Rashtra statement)

भागवत ने कहा कि जो भी भारत पर गर्व करता है वह हिंदू है। हिंदू केवल एक धार्मिक शब्द नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत पहचान है। भारत की विविधता के बीच एकता बनाए रखने की पद्धति ही RSS की पहचान है। RSS प्रमुख ने संघ के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि RSS की स्थापना किसी का विरोध करने या नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि चरित्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने और भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने के लिए की गई थी।

Mohan Bhagwat: इसके अलावा उन्होंने घुसपैठ और जनसंख्या नीति पर अपनी चिंता व्यक्त की। भागवत ने जोर देकर कहा कि भारत की सभ्यतागत प्रकृति ही इसे हिंदू राष्ट्र’ बनाती है और इसके लिए किसी औपचारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।