पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने के आसार

पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने के आसार

पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने के आसार
Modified Date: August 2, 2026 / 06:51 pm IST
Published Date: August 2, 2026 6:51 pm IST

चंडीगढ़, दो अगस्त (भाषा) पंजाब विधानसभा के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत विपक्षी दल कानून-व्यवस्था, बढ़ते कर्ज और कथित प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

विधानसभा में बेअदबी रोधी कानून का मुद्दा भी विपक्ष द्वारा उठाए जाने की संभावना है। विधानसभा का यह सत्र 10 अगस्त तक चलेगा।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, सत्र की शुरुआत पिछले सत्र की समाप्ति से लेकर मौजूदा सत्र शुरू होने तक दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी।

विधानसभा में चार, पांच, सात और 10 अगस्त को विधायी कार्य होंगे, जबकि छह अगस्त को गैर-सरकारी कामकाज होगा। आठ और नौ अगस्त को अवकाश रहेगा।

सत्र के दौरान सरकार निजी स्कूल की फीस को विनियमित करने के उद्देश्य से पंजाब गैर-सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान शुल्क विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेगी।

सरकार पहले ही निजी स्कूल की वार्षिक फीस वृद्धि की सीमा पांच प्रतिशत तय करने का फैसला कर चुकी है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि किसी स्कूल ने पिछले तीन वर्षों में 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है तो 15 प्रतिशत से अधिक वसूली गई राशि अभिभावकों को लौटानी होगी।

सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था से पंजाब के 7,800 से अधिक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

अकाली दल वारिस पंजाब दे के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि वह विधानसभा में कानून-व्यवस्था की कथित बिगड़ती स्थिति, कथित प्रश्नपत्र लीक, बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज और सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते का मुद्दा उठाएंगे।

अयाली ने कहा, ‘‘हम विधानसभा में राज्य से जुड़े सभी मौजूदा मुद्दे उठाएंगे।’’

हाल ही में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित नकल गिरोह का खुलासा होने के बाद विपक्ष पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान हुए कथित प्रश्नपत्र लीक के मामलों को लेकर ‘आप’ सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है।

हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना था कि उनके कार्यकाल में राज्य में एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ।

विपक्ष 22 जुलाई को बरनाला में हुई घटना को लेकर भी मान सरकार को घेर रहा है। इस घटना में पुलिस ने सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया था। आरोप है कि सफाई अभियान रोकने की कोशिश में कर्मचारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कूड़े के थैले फेंके थे।

बेअदबी रोधी कानून का मुद्दा भी विधानसभा में प्रमुखता से उठ सकता है।

अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से संबंधित बेअदबी-रोधी कानून को लेकर पंजाब सरकार के जवाब को बृहस्पतिवार को ‘असंतोषजनक’ करार देते हुए खारिज कर दिया और इस मुद्दे पर ‘आप’ सरकार से बातचीत के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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