कल्पसर परियोजना में तकनीकी सहयोग के लिए भारत और नीदरलैंड के बीच समझौते

कल्पसर परियोजना में तकनीकी सहयोग के लिए भारत और नीदरलैंड के बीच समझौते

कल्पसर परियोजना में तकनीकी सहयोग के लिए भारत और नीदरलैंड के बीच समझौते
Modified Date: September 24, 2026 / 09:00 pm IST
Published Date: September 24, 2026 9:00 pm IST

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) जल शक्ति मंत्रालय ने गुजरात में कल्पसर परियोजना के लिए तकनीकी सहयोग और दक्षता विकास के मकसद से बृहस्पतिवार को नीदरलैंड के साथ दो त्रिपक्षीय समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए तथा दोनों देशों ने जल क्षेत्र में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

इन एमओयू पर केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), गुजरात सरकार के कल्पसर विभाग और डच ज्ञान संस्थानों डेल्टारेस और टीयू डेल्फ्ट के बीच यहां आयोजित नौवें भारतीय अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह (आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू) 2026 के मौके पर हस्ताक्षर किए गए।

जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और नीदरलैंड के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन उप-मंत्री जाप स्लूटमेकर ने भारत मंडपम में रणनीतिक साझेदारी पर हुई द्विपक्षीय बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में जल क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सहयोग को मजबूत करने, विशेष रूप से कल्पसर परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी सहयोग पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर पाटिल ने कहा कि डेल्टारेस और टीयू डेल्फ्ट के साथ हुए एमओयू से कल्पसर परियोजना के क्रियान्वयन व दक्षता विकास में सहयोग और गहरा होगा तथा दोनों देशों को परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए मिलकर काम करने का मजबूत आधार मिलेगा।

पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस साल मई में नीदरलैंड यात्रा के दौरान कल्पसर परियोजना पर चर्चा हुई थी, जिसके बाद 16 मई को तकनीकी सहयोग के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत साबरमती, माही और ढाढर नदियों के अतिरिक्त जल का उपयोग कर एक मीठे पानी का जलाशय बनाने की परिकल्पना की गई है जिसमें नर्मदा नदी से पहुंचाए जाने वाले पानी को भी शामिल किया जाएगा।

स्लूटमेकर ने कहा कि कल्पसर परियोजना के लिए तकनीकी सहयोग संबंधी आशय पत्र भारत-नीदरलैंड के बीच आगे सहयोग के अवसर प्रदान करता है।

भाषा

शुभम खारी

खारी


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