पर्वतारोही हर्षवंती बिष्ट बनीं आइएमएफ की पहली महिला अध्यक्ष

पर्वतारोही हर्षवंती बिष्ट बनीं आइएमएफ की पहली महिला अध्यक्ष

पर्वतारोही हर्षवंती बिष्ट बनीं आइएमएफ की पहली महिला अध्यक्ष
Modified Date: November 29, 2022 / 08:55 pm IST
Published Date: November 28, 2021 7:04 pm IST

उत्तरकाशी, 28 नवंबर (भाषा) उत्तराखंड की जानी-मानी पर्वतारोही हर्षवंती बिष्ट देश के सबसे बड़े पर्वतारोहण संस्थान इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन (आइएमएफ) की अध्यक्ष चुनी गई हैं ।

तिरसठ साल पहले गठित आइएमएफ की अध्यक्ष बनने वाली हर्षवंती पहली महिला हैं जिन्हें 20 नवंबर को हुए चुनाव में 107 में से 60 मत मिले ।

बासठ वर्षीय अर्जुन पुरस्कार विजेता नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि उनका प्रयास साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अधिक से अधिक बेटियों को आगे लाने का होगा और इसके लिए योजना तैयार की जाएगी ।

पौडी जिले के सुकाई गांव की निवासी हर्षवंती ने पर्वतारोहण पर्यटन को राज्य के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बताते हुए कहा कि पहले राज्य में पर्वतारोहण जैसे साहसिक व रोमांचकारी अभियानों में उत्तराखंड टॉप में रहता था लेकिन अब इन अभियानों को लेकर प्रदेश की नीति में कई जटिलताओं के कारण लोग हतोत्साहित हुए हैं ।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्वतारोहण जैसे अभियानों पर बल्कि रोजगार पर भी पड़ा है जिसके सुधार के लिए वन व पर्यटन विभाग और आईएमएफ को सामंजस्य बढ़ाना होगा।

वर्ष 1975 में उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) से पर्वतारोहण का कोर्स करने के बाद हर्षवंती ने अनेक पर्वतारोहण अभियान सफलतापूर्वक पूरे किए । 1981 में उन्होंने नंदा देवी पर्वत (7816 मीटर) के मुख्य शिखर का सफल आरोहण किया। वह 1984 में एवरेस्ट अभियान दल की सदस्य भी रहीं ।

इसके बाद उन्होंने ‘सेव गंगोत्री’ परियोजना की शुरुआत कर गंगोत्री से आगे भोजवासा में भोज के पौधों का रोपण किया।

भाषा सं दीप्ति दीप्ति रंजन

रंजन


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