नगालैंड विधानसभा ने जन विश्वास विधेयक पारित कर मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया

नगालैंड विधानसभा ने जन विश्वास विधेयक पारित कर मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया

नगालैंड विधानसभा ने जन विश्वास विधेयक पारित कर मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया
Modified Date: March 27, 2026 / 06:07 pm IST
Published Date: March 27, 2026 6:07 pm IST

कोहिमा, 27 मार्च (भाषा) नगालैंड विधानसभा ने शुक्रवार को मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और राज्य के कई कानूनों के नियामक ढांचों में सुधार करने वाला एक विधेयक पारित किया।

नगालैंड जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 का मूल उद्देश्य शासन प्रणाली को दंडात्मक और अभियोजन-प्रधान व्यवस्था से हटाकर अनुपालन-आधारित और नागरिक-केंद्रित ढांचे की ओर ले जाना है।

इस विधेयक के अनुसार, सरकार एक ऐसा शासन तंत्र बनाना चाहती है जो पारदर्शी एवं विश्वास-आधारित हो तथा आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दे।

सरकार का यह भी मकसद है कि तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियों के लिए जो आपराधिक दायित्व उत्पन्न होता है, उसे कम करने की व्यापक राष्ट्रीय प्रवृति के साथ कदमताल किया जा सके।

विधेयक में कहा गया है कि राज्य में कई मौजूदा कानूनों में अभी ऐसे प्रावधान हैं जो मामूली, तकनीकी या प्रक्रियात्मक उल्लंघनों को अपराध मानते हैं, जिससे अक्सर नागरिकों और व्यवसायों को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, अनुपालन का बोझ बढ़ता है और वास्तविक नियामक परिणामों में सुधार सीमित रह जाता है।

यह विधेयक डिजिटल अनुपालन प्रणालियों और समयबद्ध प्रक्रियाओं को बढ़ावा देता है तथा राज्य में कारोबार सुगमता लाने के लिए नियामक अनिश्चितता को कम करता है।

विधेयक यह स्पष्ट करता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और राजस्व को प्रभावित करने वाले गंभीर अपराधों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू रहेंगे।

यह विधेयक उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन द्वारा बृहस्पतिवार को पेश किया गया था और शुक्रवार को ध्वनि मत से पारित हुआ।

भाषा

राखी राजकुमार

राजकुमार


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