कोहिमा, तीन सितंबर (भाषा) नगालैंड विधानसभा ने बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राज्य में ‘संरक्षित क्षेत्र परमिट’ (पीएपी) व्यवस्था को हटाने का आग्रह किया।
प्रस्ताव में कहा गया कि इन पाबंदियों की वजह से पर्यटन, निवेश, अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव और आर्थिक अवसरों पर बुरा असर पड़ रहा है।
उप मुख्यमंत्री (गृह) यांथुंगो पैटन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया।
नागालैंड में 2011 में हटाए गए पीएपी नियम को 17 दिसंबर 2024 से फिर से लागू कर दिया गया था।
प्रस्ताव में कहा गया कि ‘हॉर्नबिल फेस्टिवल’ और अन्य पर्यटन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने नगालैंड और भारत की सांस्कृतिक विविधता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने में मदद की है, साथ ही स्थानीय समुदायों और उद्यमियों के लिए आर्थिक अवसर भी पैदा किए हैं।
इसमें कहा गया है कि हालांकि, पीएपी के जारी रहने से राज्य में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन, निवेश, व्यावसायिक जुड़ाव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों में बाधा आ रही है।
भाषा
सुभाष पवनेश
पवनेश