नगालैंड सरकार ने नगा मुद्दे के समाधान के लिए प्रयास फिर से शुरू किये

नगालैंड सरकार ने नगा मुद्दे के समाधान के लिए प्रयास फिर से शुरू किये

नगालैंड सरकार ने नगा मुद्दे के समाधान के लिए प्रयास फिर से शुरू किये
Modified Date: January 17, 2026 / 08:22 pm IST
Published Date: January 17, 2026 8:22 pm IST

दीमापुर, 17 जनवरी (भाषा) नगालैंड सरकार की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने नगा समस्या के राजनीतिक समाधान के लिए नये सिरे से प्रयास करते हुए शनिवार को विभिन्न नागरिक समाजों के बीच विभाजन को पाटने के लिए एक ‘नगा साझा मंच’ के गठन का आह्वान किया।

पीएसी की बैठक नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो की अध्यक्षता में चुमौकेदिमा के रोडोडेंड्रोन हॉल में आयोजित की गई।

बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, उपमुख्यमंत्री और पीएसी के सह-संयोजक टी आर जेलियांग ने कहा कि नगा राजनीतिक मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श के बाद, समिति ने इस मामले पर चर्चा करने के लिए एक सर्वोच्च निकाय बनाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि ऐसा समूह बिखरे संगठनों की तुलना में अधिक प्रभावी जनादेश प्रदान करेगा।

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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी ‘होहो’ से एकसाथ आने और सभी नगा राजनीतिक समूहों को एक मंच पर एकजुट होने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध कर रही है ताकि समाधान एक ही हो। उन्होंने कहा कि दो या तीन समाधान नहीं हो सकते।

जेलियांग ने कहा कि चालू वर्ष का प्राथमिक लक्ष्य आंतरिक विभाजनों को दूर करना है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग बात करने वाले कई गैर-सरकारी संगठनों और संस्थाओं की वर्तमान स्थिति ने नगा लोगों के प्रतिनिधित्व को कमजोर कर दिया है।

जेलियांग ने कहा कि निर्वाचित सदस्य भारत के संविधान के तहत जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और पीएसी ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक वार्ताओं में एक एकीकृत और एकजुट आवाज सुनिश्चित करने के लिए एक एकीकृत नागरिक समाज मंच आवश्यक है।

समिति ने दिन में कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं किया, लेकिन मौजूदा राजनीतिक गतिरोध पर गहन चर्चा की।

नगा मुद्दे का समाधान खोजने के लिए, 3 अगस्त, 2015 को एनएससीएन (आईएम) के महासचिव थुइंगलेंग मुइवा और नगा शांति वार्ता के लिए सरकारी वार्ताकार आर एन रवि ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में एक ढांचागत समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम (इसाक मुइवा) के साथ ढांचागत समझौते के अलावा, केंद्र ने दिसंबर 2017 में सात संगठनों वाले नगा राष्ट्रीय राजनीतिक समूहों (एनएनपीजी) के साथ एक सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर किए।

हालांकि, सरकार की एनएससीएन (आईएम) की अलग झंडे और संविधान की लगातार मांग को मानने की अनिच्छा के कारण अंतिम समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।

इससे पहले, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में दीमापुर रेलवे स्टेशन के विकास और दीमापुर हवाई अड्डे के विस्तार से संबंधित बाधाओं पर चर्चा की गई।

रियो ने कहा, “हमने इस मुद्दे को मंत्रालय के समक्ष उठाने और फिर वैकल्पिक समाधान खोजने का फैसला किया है। अगर असम राइफल्स मौजूदा जगह छोड़ने को तैयार नहीं है, तो उन्हें हमें एक नया हवाई अड्डा देना होगा। यही मुद्दा है।’’

विधायक अचुम्बेमो किकोन ने कहा, “हम नगा राजनीतिक मुद्दे के समाधान में एक सक्रिय मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका को पूरी लगन से निभाएंगे। एक निर्वाचित सदस्य के रूप में, राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य के रूप में, हम इसे पूरी लगन से आगे बढ़ाएंगे क्योंकि यह जिम्मेदारी हमें सौंपी गई है।”

भाषा अमित धीरज

धीरज


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