मदुरै, पांच सितंबर (भाषा) तमिलनाडु सरकार ने शनिवार को कहा कि प्राचीन श्री मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर के कुंभाभिषेकम समारोह के लिए मुद्रित निमंत्रण पत्र में न्यासियों के नाम गलती से नहीं छप पाए और यह ‘यह जानबूझकर नहीं किया गया बल्कि प्रशासनिक चूक’ थी।
ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने इस महीने की 17 तारीख को आयोजित कुंभाभिषेकम समारोह के लिए छपे निमंत्रण पत्र से मंदिर के मौजूदा न्यासियों के गायब होने से पैदा हुए विवाद पर कहा कि नामों का न होना ‘‘किसी सोची-समझी योजना या साजिश का नतीजा नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक चूक थी’’।
मंत्री ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में जान-बूझकर नाम नहीं दर्ज करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा समिति के सदस्यों के बीच आम सहमति न बन पाने के कारण ऐसा हुआ।
कुमार ने मंदिर प्रशासन में दखल न देने की सरकार की नीति को फिर से दोहराया और पिछली सरकारों की नीतियों से इसकी तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें अक्सर पार्टी के पदाधिकारियों और परिवार के सदस्यों को मंदिर न्यास बोर्ड में नियुक्त करती थीं।
मंत्री ने कहा, ‘‘यह एक मामूली मुद्दा है जिसे बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।’’
भाषा धीरज प्रशांत
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