कोल्लम (केरलम), पांच सितंबर (भाषा) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के आयोजन स्थल पर कथित ‘‘शुद्धीकरण’’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और संघ परिवार पर ‘‘घृणित राजनीति’’ करने का शनिवार को आरोप लगाया।
वेणुगोपाल ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पिछले महीने खरगे की जनसभा के बाद आयोजन स्थल पर कथित ‘‘शुद्धीकरण’’ किए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह घटना देश के सामने मौजूद सबसे बड़े मुद्दों में से एक है और उन्होंने इस मामले में भाजपा के रुख पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे तमाम मामलों को देखिए। क्या यह देश का सबसे बड़ा मुद्दा नहीं है? मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेता ने जहां भाषण दिया, वहां ‘शुद्धीकरण’ किया गया।’’
वेणुगोपाल ने कथित घटना को ‘‘अब तक देखी गई सबसे खराब घटनाओं में से एक’’ करार देते हुए सवाल किया कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के प्रति ऐसा व्यवहार क्यों किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष तक के प्रति अस्पृश्यता दर्शाने वाला रवैया क्यों अपनाया गया?’’
वेणुगोपाल ने इस कृत्य को कथित रूप से उचित ठहराने के लिए भाजपा की आलोचना की। उन्होंने इस मुद्दे को उठाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘ऊपर से वे इसे सही भी ठहरा रहे हैं। इस पर सवाल उठाने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।’’
वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘यह समझिए कि देश का सबसे बड़ा मुद्दा भाजपा और संघ परिवार द्वारा की जा रही इस तरह की घृणित राजनीति है।’’
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को खरगे की जनसभा के बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा वहां कथित रूप से ‘‘शुद्धीकरण यज्ञ’’ किए जाने से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
गांधी ने 29 अगस्त को नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में इस घटना की आलोचना की थी और कथित ‘‘शुद्धीकरण’’ के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की थी।
हाल में हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने संवाददाता सम्मेलन में एक ‘‘धार्मिक अनुष्ठान’’ को जातिगत रंग दिया।
भाषा सिम्मी अमित
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