नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि राज्य विधानमंडलों और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ सिर्फ एक विधायी सुधार नहीं है, बल्कि यह देश की लगभग 70 करोड़ महिलाओं के लिए सशक्त नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त करेगा।
गुप्ता ने कहा कि इस अधिनियम से देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं की एक सभा को संबोधित करते हुए गुप्ता ने इस कानून के समर्थन की अपील की।
उन्होंने महिलाओं के लिए गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करने और अलग अलग क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अवसर खोलने वाली योजनाएं शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।
गुप्ता ने कहा, ‘महिलाओं को जब अवसर दिया जाता है तो वे सबसे कठिन कार्यों को भी उत्कृष्ट रूप से पूरा कर सकती हैं – आपने यही संदेश दिया।’
उन्होंने कहा कि राज्य विधानमंडलों और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान केवल विधायी सुधार नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने वाला कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश की लगभग 70 करोड़ महिलाओं के लिए सशक्त नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने भारतीय महिलाओं के ऐतिहासिक संघर्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि सती प्रथा, बाल विवाह, अशिक्षा और कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक चुनौतियों को पार कर आज की नारी ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा, “आज देश की बेटियां न केवल शिक्षा और पोषण में आगे हैं, बल्कि सेना में लड़ाकू विमान उड़ाकर देश की सीमाओं की रक्षा भी कर रही हैं।”
गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से कहीं आगे बढ़कर ‘बेटी बढ़ाओ’ के युग में प्रवेश कर चुका है।
मुख्यमंत्री ने 2014 के बाद बनाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को रखा गया है।
उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालयों, उज्ज्वला योजना से मिली धुआं-मुक्त रसोई और जनधन खातों के जरिए मिली आर्थिक स्वतंत्रता को महिला गरिमा के लिए मील का पत्थर बताया।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ 2023 में पारित किया गया था। इसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अधिनियम में संशोधन करने वाले एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है और इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, और इसे 2029 के आम चुनावों से लागू किया जाएगा।
सरकार ने संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी है। 16 से 18 अप्रैल तक संसद की तीन दिवसीय विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जहां संशोधन विधेयक पर चर्चा और उसे पारित किए जाने की उम्मीद है।
भाषा नोमान प्रशांत
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