हिंद महासागर के 14 देशों की नौसेनाओं की गोवा में बैठक, साझा समुद्री चुनौतियों पर होगा ध्यान
हिंद महासागर के 14 देशों की नौसेनाओं की गोवा में बैठक, साझा समुद्री चुनौतियों पर होगा ध्यान
पणजी, 18 फरवरी (भाषा) आगामी गोवा समुद्री सम्मेलन (जीएमसी 26) क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करने वाले अवैध व अनियमित मछली पकड़ने और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियों के बीच आयोजित किया जा रहा है। नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सम्मेलन में हिंद महासागर के 14 देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं।
गोवा स्थित नौसैनिक युद्ध महाविद्यालय के कमांडेंट, रियर एडमिरल ए.डी. नायर ने पणजी में संवाददाताओं को बताया कि 21 फरवरी को होने वाले सम्मेलन का विषय ‘हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां -गतिशील खतरों को कम करने के लिए प्रयासों को आगे बढ़ाना’ है।
उन्होंने कहा कि जीएमसी-26 में हिंद महासागर के 14 देशों के नौसेना प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे।
नायर ने कहा, “जीएमसी-26 का विषय वर्तमान समुद्री सुरक्षा परिवेश के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। अवैध, अनधिकृत और अनियमित मछली पकड़ना, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियां आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और क्षेत्रीय स्थिरता को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं।”
उन्होंने कहा कि ये खतरे अक्सर अधिकार क्षेत्र की कमियों का फायदा उठाते हैं और एकतरफा कार्रवाई के बजाय समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है।
इस सम्मेलन में हिंद महासागरीय देश बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, केन्या, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमा, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड और तंजानिया शामिल होंगे।
एक प्रश्न का उत्तर देते हुए नायर ने कहा कि जीएमसी-26 से जो प्राथमिक परिणाम अपेक्षित है, वह साझा समुद्री चुनौतियों के संबंध में भाग लेने वाले देशों के बीच पारस्परिक समझ में वृद्धि है।
भाषा प्रशांत माधव
माधव

Facebook


