राजग केपीएससी घोटालों का ‘पितामह’ है: शिवकुमार

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राजग केपीएससी घोटालों का ‘पितामह’ है: शिवकुमार

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 04:41 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 04:41 PM IST

(फोटो के साथ)

बेंगलुरु, दो सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) से जुड़े सभी घोटालों का ‘‘पितामह’’ करार दिया और कहा कि कथित अनियमितताओं का ब्योरा जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।

शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से कांग्रेस सरकार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और विफलताओं को लेकर निकाली जा रही ‘बल्लारी चलो’ पदयात्रा पर भी कटाक्ष किया और इसे गुटबाजी से जूझ रही पार्टी को एकजुट करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के पास इसका जवाब देने की योजना है।

केपीएससी घोटाले और इस मामले में हुई गिरफ्तारियों से जुड़े सवाल पर शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने अपने गृह मंत्री और अधिकारियों से केपीएससी घोटाले की जांच करने को कहा है। वे इसकी जांच कर रहे हैं। मुझे अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। मुझे केवल वही जानकारी है जो मीडिया में आई है। इसमें मेरा हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि अब निलंबित किए गए केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार की नियुक्ति भाजपा सरकार के समय हुई थी।

शिवकुमार ने कहा, ‘‘उनसे किसके संबंध थे? वही लोग जिम्मेदार हैं। लेकिन केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उन्हें निलंबित करने की मांग की और पत्र लिखा। भाजपा में अंदरूनी लड़ाई चल रही है। हालांकि अंत में राज्यपाल ने कार्रवाई करते हुए साहूकार को निलंबित किया और मंत्रिमंडल ने भी इसे मंजूरी देते हुए इसकी सिफारिश की।’’

साहूकार को उनकी बेटी के फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी में चयन के आरोपों के बाद भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोपों में निलंबित किया गया था।

भाजपा के सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) की ओर से गृह मंत्री प्रियंक खरगे पर लगाए जा रहे आरोपों पर शिवकुमार ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि मंत्री के पास क्या सबूत हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें (विपक्ष को) यह नहीं पता कि केपीएससी से जुड़े सभी घोटालों में उनके कितने लोग शामिल हैं। केपीएससी में हुए सभी घोटालों का पितामह राजग है। हर घोटाले में उनकी भूमिका रही है। हमारे गृह मंत्री के पास जो भी जानकारी होगी, हम उसे साझा करेंगे।’’

गौरतलब है कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है। इसमें परीक्षा रिकॉर्ड, ओएमआर शीट के रखरखाव और अधिकारियों समेत अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की जा रही है।

जनता दल (सेक्युलर) के नेता एवं केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने हाल में प्रियंक खरगे के इस्तीफे की मांग की थी। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि जब खरगे पिछली सिद्धरमैया सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री थे, तब केपीएससी के जरिये 24 सहायक कार्यकारी अभियंताओं की भर्ती की अनुमति दी गई थी।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि अंतिम चयन से पहले ओएमआर शीट में कथित हेरफेर, सीसीटीवी फुटेज गायब होने और भर्ती प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन को लेकर केपीएससी के भीतर चिंता जताई गई थी, लेकिन इसके बावजूद नियुक्तियों को मंजूरी दे दी गई।

भाजपा की पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने इसे ‘‘शर्मनाक’’ बताया।

शिवकुमार ने कहा, ‘‘यह उनकी पार्टी को फिर से संगठित करने के लिए किया जा रहा है। यह अंदरूनी कलह के बीच पार्टी को एकजुट करने का प्रयास है। मैं भी उनकी पदयात्रा के जवाब में एक यात्रा निकालूंगा। मैं जल्द ही आपको बताऊंगा कि हमारी यात्रा कैसी होगी। मैं चुप बैठने वाला नहीं हूं। भाजपा जो भी कहे, उसे सुनकर हम शांत नहीं रह सकते।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विपक्ष को उसका उचित सम्मान देने की कोशिश की, लेकिन ऐसा लगता है कि वह इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘तो फिर हमें भी अपनी राजनीति करनी होगी।’’

शिवकुमार ने कहा कि गरीबों, किसानों, मजदूरों, सूखे से प्रभावित लोगों और जनता की ओर से दी गई जिम्मेदारी उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

राज्य संचालित कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में करोड़ों रुपये के कथित गबन के आरोपों के बाद बी. नागेंद्र के स्वेच्छा से मंत्री पद से इस्तीफा देने का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘‘आप चाहे जो कर लें, आप उन्हें (भाजपा को) संतुष्ट नहीं कर सकते, क्योंकि वे खुद कई घोटालों में शामिल हैं। हम विकास करना चाहते हैं और अपना समय उन पर ध्यान केंद्रित करने में बर्बाद नहीं करना चाहते।’’

भाषा रवि कांत रवि कांत देवेंद्र

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