असम में हिंदुओं और मुसलमानों से संबंधित जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर बहस की जरूरत: हिमंत

असम में हिंदुओं और मुसलमानों से संबंधित जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर बहस की जरूरत: हिमंत

असम में हिंदुओं और मुसलमानों से संबंधित जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर बहस की जरूरत: हिमंत
Modified Date: August 27, 2024 / 08:36 pm IST
Published Date: August 27, 2024 8:36 pm IST

गुवाहाटी, 27 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में हिंदुओं और मुसलमानों से संबंधित जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर बहस की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि असम के निचले जिलों जैसे कुछ हिस्सों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन हो रहे हैं और इससे ‘‘जबरदस्त मानवीय आपदा’’ हो सकती है।

शर्मा ने विशेष जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव पर विधानसभा में एक प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा, ‘‘हिंदू-मुस्लिम मुद्दा आज राज्य में सबसे ज्वलंत मुद्दा है; हमें इस पर बहस करने और इसे सुलझाने की जरूरत है।’’

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हिंदू ‘मिया’ मुस्लिम बहुल स्थानों से पलायन कर रहे हैं।

‘मिया’ मूलतः असम में बंगाली भाषी मुसलमानों को संदर्भित एक शब्द है तथा गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी विस्थापित के रूप में पहचानते हैं।

शर्मा ने दावा किया, ‘‘निचले असम में जनसांख्यिकीय परिवर्तन इतनी तेजी से हो रहा है कि इससे जबरदस्त मानवीय आपदा हो सकती है। हिंदुओं ने अपनी जमीन और अधिकार खो दिए हैं। हिंदू नाम वाले गांवों में अब कोई हिंदू निवासी नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि एक दस्तावेज तैयार किया जा रहा है, जिसमें मतदान केंद्रों के अनुसार जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का विवरण होगा।

शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार अप्रैल में एक कानून लेकर आयेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि शादियां ‘‘गरिमापूर्ण तरीके’’ से हों।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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