तकनीकी विकास के साथ मूल्य प्रणाली की रक्षा पर संवाद की जरूरत : अक्षरधाम मंदिर के सदस्य

तकनीकी विकास के साथ मूल्य प्रणाली की रक्षा पर संवाद की जरूरत : अक्षरधाम मंदिर के सदस्य

तकनीकी विकास के साथ मूल्य प्रणाली की रक्षा पर संवाद की जरूरत : अक्षरधाम मंदिर के सदस्य
Modified Date: February 16, 2026 / 03:39 pm IST
Published Date: February 16, 2026 3:39 pm IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के एक सदस्य का कहना है कि एआई शिखर सम्मेलन में उनकी प्रमुख उम्मीद तकनीकी विकास के साथ अपनी पहचान, नैतिकता और मूल्य प्रणाली को बनाए रखने के तरीके पर संवाद करना है।

राष्ट्रीय राजधानी स्थित बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) द्वारा संचालित प्रसिद्ध मंदिर के सदस्य पहली बार इस शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन में अपनी भागीदारी के बारे में मंदिर के सदस्य डॉ. अक्षरानंददास स्वामी ने कहा कि वे यह देख रहे हैं कि मंदिर के बुनियादी ढांचे के भीतर एआई प्रौद्योगिकियों को कैसे लागू कर सकते हैं।

उन्होंने सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘हम शिक्षात्मक और सीखने के अवसरों की तलाश कर रहे हैं। एआई के दौर में मूल्यों को कैसे संरक्षित किया जाए…हम मूल मूल्यों और नैतिक प्रणालियों को बनाए रखना चाहते हैं… यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप अपनी पहचान, नैतिकता और मूल्य प्रणालियों को खोए बिना प्रौद्योगिकियों का विकास कैसे करते हैं? आप उन मूल्य प्रणालियों को कैसे एकीकृत करते हैं…ये वे बेहद महत्वपूर्ण चर्चाएं हैं जो हम यहां मौजूद कई लोगों के साथ करना चाहते हैं।’’

इस शिखर सम्मेलन के अंतर्गत कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के सहयोग से अक्षरधाम में एक अतिरिक्त कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। अक्षरानंददास स्वामी के अनुसार, अपने मूल्यों के प्रति सचेत रहना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपको अपने मूल्यों को बोध नहीं हैं, तो आप उनकी अनदेखी करके किसी और चीज़ की ओर बढ़ने की प्रवृत्ति रखते हैं… अपने मूल्यों के प्रति सचेत रहना और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना एक अच्छा मार्ग प्रदान करेगा।’’

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत


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