मादक पदार्थों के कारोबार और अपराधियों को बेनकाब करने की जरूरत: जम्मू कश्मीर मंत्री

मादक पदार्थों के कारोबार और अपराधियों को बेनकाब करने की जरूरत: जम्मू कश्मीर मंत्री

मादक पदार्थों के कारोबार और अपराधियों को बेनकाब करने की जरूरत: जम्मू कश्मीर मंत्री
Modified Date: April 14, 2026 / 05:23 pm IST
Published Date: April 14, 2026 5:23 pm IST

जम्मू, 14 मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा शुरू किए गए 100 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान का समर्थन करते हुए मंगलवार को कहा कि मादक पदार्थों का खतरा ‘‘राजनीतिक और पुलिस’’ संरक्षण के बिना फल-फूल नहीं सकता।

उन्होंने ऐसे तत्वों को बेनकाब करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

शर्मा ने डॉ. बी. आर. आंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के मकसद से यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) मुख्यालय में आयोजित एक समारोह के इतर पत्रकारों से कहा कि नशा विरोधी अभियान के लिए मजबूत प्रवर्तन, जवाबदेही और निरंतर जनभागीदारी की आवश्यकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनेताओं और पुलिस के कुछ वर्गों के ‘‘संरक्षण और समर्थन’’ के बिना मादक पदार्थों की तस्करी नहीं हो सकती है तथा उन्होंने इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक रूप से उन्हें बेनकाब करने की मांग की।

मंत्री ने कहा, “आप उन पुलिस अधिकारियों से परिचित हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल और तैनाती के दौरान इस मादक पदार्थों के खतरे को पनपने दिया, चाहे वह पंजाब से आया हो या पाकिस्तान से। उनकी भूमिका का पता लगाया जाना चाहिए। यही बात उन राजनेताओं और उनके रिश्तेदारों—बेटों और भतीजों—पर भी लागू होती है जो इसमें शामिल थे।”

उन्होंने कहा कि इस तरह के अवैध काम राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों की शह के बिना नहीं हो सकते।

मंत्री ने कहा कि हालांकि उनकी संख्या बहुत कम है, लेकिन उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए क्योंकि जब रक्षक ही भक्षक बन जाते हैं, तो ऐसी घटनाएं होती हैं।

शर्मा ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के सीमा के उस पार संपर्क होने का दावा करते हुए चेतावनी दी कि इसमें शामिल लोग अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान की आईएसआई के एजेंडे को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है; इसके राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव हैं।’’

उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोगों को देशद्रोही माना जाना चाहिए।

भाषा यासिर नरेश

नरेश


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