नीट प्रश्न पत्र लीक: दिल्ली की अदालत ने तीन आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
नीट प्रश्न पत्र लीक: दिल्ली की अदालत ने तीन आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्न पत्र लीक मामले में तीन आरोपियों को सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इन आरोपियों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा अनुवादक के तौर पर सूचीबद्ध किये गए भौतिकी के एक व्याख्याता, लातूर के एक बाल रोग विशेषज्ञ और एक भौतिकी शिक्षक शामिल हैं।
विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने भौतिकी अनुवादक मनीषा संजय हवलदार, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरुरे और भौतिकी शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह की न्यायिक हिरासत के अनुरोध संबंधी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका स्वीकार कर ली।
हवलदार की सीबीआई हिरासत शनिवार को दो दिनों के लिए बढ़ाई गई थी, जबकि शिरुरे और तेजस शाह को हिरासत में पूछताछ के लिए 27 मई को पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया था।
सीबीआई का आरोप है कि हवलदार ने अन्य आरोपियों के साथ साजिश करके पैसों के लिए बिना अनुमति के नीट-यूजी परीक्षा का प्रश्न पत्र अपने पास रखा और वितरित किया।
संघीय एजेंसी का आरोप है कि शिरुरे ने महाराष्ट्र के लातूर में रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेज (आरसीसी) संचालित करने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के बेटे सहित तीन छात्रों को नीट प्रश्न पत्र तैयार करने वाले पी वी कुलकर्णी से रसायन विज्ञान के प्रश्न प्राप्त करने में मदद करने में ‘‘महत्वपूर्ण भूमिका’’ निभाई।
सीबीआई ने मामले में कथित सरगना मोटेगांवकर और कुलकर्णी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
पुणे स्थित कोचिंग सेंटर डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (एपीएमए) में भौतिकी के शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को भी मामले में संलिप्त रहने को लेकर गिरफ्तार किया गया था।
संघीय एजेंसी के अनुसार, तेजस शाह को कथित तौर पर हवलदार से नीट-यूजी 2026 के लीक हुए भौतिकी के प्रश्न प्राप्त हुए थे।
मामले में सीबीआई ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 12 मई को, एनटीए ने प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बीच 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया।
यह परीक्षा 21 जून को फिर से होनी है।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप

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