देहरादून, 20 जून (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून में जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए शांतिपूर्ण और व्यवधानमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को लोगों के सार्वजनिक रूप से एकत्र होने और शोर-शराबे पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए देहरादून के अपर जिलाधिकारी कृष्ण कुमार मिश्रा ने आदेश जारी कर परीक्षा के लिए निर्धारित सभी 16 केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है।
यह आदेश रविवार को परीक्षा समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के तहत परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को छोड़कर परीक्षा केंद्रों के आसपास पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने किसी भी प्रकार के हथियार, लाठी, तलवार अथवा अन्य धारदार वस्तुएं ले जाने तथा शांति भंग करने में प्रयुक्त हो सकने वाले पत्थर, ईंट या लोहे की छड़ आदि रखने पर भी रोक लगा दी है।
इसके अलावा, छात्रों का ध्यान भंग होने से रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास लाउडस्पीकर के उपयोग, राजनीतिक नारेबाजी, भड़काऊ भाषण देने तथा भ्रामक सामग्री वितरित करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि सभी 16 परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। साथ ही, संबंधित थाना प्रभारियों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा
दीप्ति रवि कांत