राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सेवाएं होंगी पारदर्शी और समयबद्ध : विष्णु देव साय

राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सेवाएं होंगी पारदर्शी और समयबद्ध : विष्णु देव साय

राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सेवाएं होंगी पारदर्शी और समयबद्ध : विष्णु देव साय
Modified Date: July 8, 2026 / 12:09 am IST
Published Date: July 8, 2026 12:09 am IST

रायपुर, सात जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को कहा कि राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों तथा नागरिकों और किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।’’

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में डिजिटल किसान किताब तथा भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारियां व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें तहसील या पटवारी कार्यालय जाने की आवश्यकता न पड़े।

उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम जनता और किसानों के जीवन से जुड़ा विभाग है। इसलिए शासन के सभी सुधारों और नवाचारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।

अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सुधार है। इसके लागू होने पर आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल तथा समयबद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से संपन्न कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए सीमांकन से जुड़े मामलों का निर्धारित समय सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने तथा समय सीमा से अधिक लंबित मामलों की जिला-वार नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने असर्वेक्षित गांवों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व अभिलेख तैयार किए जा सकें, भूमि अभिलेख अद्यतन हों और स्थानीय लोगों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि एवं नामांतरण, पट्टाधृति अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री तथा एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

भाषा

संजीव रवि कांत


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