नेपाल बाढ़: वीजा खारिज होने से पश्चिम बंगाल की महिला की बची जान
नेपाल बाढ़: वीजा खारिज होने से पश्चिम बंगाल की महिला की बची जान
कोलकाता, 27 अगस्त (भाषा) कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए वीजा खारिज होना पश्चिम बंगाल की एक महिला के लिए वरदान साबित हुआ और वह एक दिन पहले नेपाल में आई अचानक विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आने से बच गई।
नेपाल में आई बाढ़ में 270 लोगों की मौत हो चुकी है। अगर महिला का चीन का वीजा मंजूर हो गया होता तो वह राज्य के उन 33 लोगों में शामिल होती, जिन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा के तहत नेपाल जाने की योजना बनाई थी।
ताप्ती सिंह (61) ने यात्रा समूह में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलने के बाद लद्दाख का रुख किया था।
उन्होंने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वह अपनी यात्रा बीच में ही समाप्त कर बृहस्पतिवार रात कोलकाता लौट रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल लापता 32 पर्यटकों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
नेपाल में यात्रा का संचालन करने वाली कोलकाता की ट्रैवल एजेंसी की सहयोगी एजेंसी अब तक किसी भी यात्री से संपर्क स्थापित नहीं कर पाई है।
ताप्ती ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली पहुंच चुकी हूं और शाम तक कोलकाता हवाई अड्डे पहुंच जाऊंगी।’’
कैलाश यात्रा पर जाने की इच्छुक ताप्ती मई से ही कोलकाता की एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से प्रस्तावित 13 दिवसीय यात्रा की तैयारियां कर रही थीं।
वह समूह के साथ तैयारी बैठकों, खरीदारी और ट्रैकिंग सत्रों में हिस्सा लेती रही थीं।
यात्रा रवाना होने से कुछ दिन पहले उन्हें बताया गया कि उनका वीजा खारिज कर दिया गया है।
वीजा खारिज करने का कोई कारण नहीं बताया गया था, इससे निराश होकर उन्होंने अपनी योजना बदल दी और इसके बजाय लद्दाख चली गईं।
ताप्ती ने कहा कि जिस वीजा खारिज होने की घटना ने एक समय उन्हें पूरी तरह निराश कर दिया था, उनके लिए अब उसका मतलब कुछ और हो गया है।
ट्रैवल एजेंसी ने बताया कि उसके चार पदाधिकारी पहले ही नेपाल पहुंच चुके हैं और उम्मीद है कि शाम तक कुछ जानकारी मिल सकेगी।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश

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