नया रिकॉर्ड: सदनों के स्थगित होने के 40 दिन बाद भी मानसून सत्र का औपचारिक समापन नहीं

नया रिकॉर्ड: सदनों के स्थगित होने के 40 दिन बाद भी मानसून सत्र का औपचारिक समापन नहीं

नया रिकॉर्ड: सदनों के स्थगित होने के 40 दिन बाद भी मानसून सत्र का औपचारिक समापन नहीं
Modified Date: September 22, 2026 / 01:07 pm IST
Published Date: September 22, 2026 1:07 pm IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) संसद के दोनों सदनों को स्थगित किए जाने के 40 दिन बाद भी मानसून सत्र का औपचारिक रूप से समापन नहीं हुआ है और इसने इन अटकलों को हवा दी है कि सरकार नया सत्र बुलाए बिना कोई महत्वपूर्ण विधेयक लाना चाहती है।

लोकसभा के पूर्व महासचिव पी. डी. टी. आचारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा कि दोनों सदनों का 40 दिन तक सत्रावसान नहीं होना एक नया रिकॉर्ड है।

उन्होंने कहा कि 2015 में संसद के दोनों सदनों का 28 दिन बाद सत्रावसान किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी।

ऐसी अटकलें हैं कि सरकार महिला आरक्षण कानून में संशोधन का प्रस्ताव फिर से लाने की योजना बना रही है ताकि इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जा सके।

बजट सत्र के दौरान इस संबंध में पिछला प्रयास पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के कारण सफल नहीं हो पाया था।

जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होने की स्थिति में लोकसभा में प्रतिनिधित्व घटने को लेकर खासकर दक्षिणी राज्यों के विपक्षी दलों की चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीट की संख्या में समान रूप से 50 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव कर रही है।

लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की बैठक 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी थी। आमतौर पर इसके अगले तीन से चार दिन के भीतर सत्रावसान की अधिसूचना जारी कर दी जाती है जिससे सत्र का औपचारिक समापन हो जाता है। हालांकि, इस बार मंगलवार सुबह तक सत्रावसान की अधिसूचना जारी नहीं की गई।

बजट सत्र 18 अप्रैल को समाप्त हुआ था और 20 अप्रैल को उसका सत्रावसान किया गया था।

संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति संसद का सत्र बुलाते हैं और उसका सत्रावसान करते हैं।

संसद का शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू होता है और क्रिसमस से पहले समाप्त हो जाता है।

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा


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