पत्तनमथिट्ठा/वायनाड (केरल), नौ अप्रैल (भाषा) केरल के पत्तनमथिट्ठा जिले में एक नवविवाहित जोड़े ने बृहस्पतिवार को अपनी शादी संपन्न होने के तुरंत बाद मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
उन्होंने ऐसा करके लोकतंत्र में भागीदारी के महत्व का संदेश दिया है।
इसी तरह उत्तरी वायनाड जिले की एक और दुल्हन ने भी अपनी शादी की रस्म में शामिल होने से पहले मतदान किया।
दिव्याश्री और अश्वंत की शादी सुबह करीब नौ बजे हुई थी और वे दोपहर के करीब विवाह स्थल से ही मतदान के लिये पहुंचे।
पत्रकारों से बात करते हुए दंपति ने कहा कि मतदान करने के लिए आना उनका संयुक्त निर्णय था।
अश्वंत ने कहा कि शादी की तारीख जनवरी में मतदान की तारीख की घोषणा से काफी पहले तय की गई थी, इसलिए यह एक संयोग है कि दोनों एक ही दिन पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य से बाहर काम करने के कारण वह कई मौकों पर मतदान नहीं कर पाए, लेकिन वह जब भी केरल में होते हैं तो मतदान जरूर करते हैं।
उनकी पत्नी ने कहा कि वह हमेशा अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करती हैं।
दंपति ने कहा कि समाज के लिए उनका संदेश है कि सभी को मतदान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दोनों में से कोई भी राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं है, लेकिन मतदान एक गैर-राजनीतिक कार्य है।
इसी तरह वायनाड जिले के मेप्पडी निवासी अखिला एंटनी भी पूर्वाह्न 10:30 बजे मनंथावडी के एक चर्च में होने वाली अपनी शादी से ठीक एक घंटे पहले शादी के परिधान में मतदान करने पहुंचीं।
अखिला ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने पहले वोट डालने का फैसला किया क्योंकि शादी के बाद ऐसा करना संभव नहीं होता।
उन्हें दुल्हन के परिधान में देखकर मतदान अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने उसके लिए जल्दी मतदान कराने की व्यवस्था की और उसके बाद वह विवाहस्थल के लिए रवाना हो गईं।
भाषा
शुभम प्रशांत
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