एनजीटी ने एनएमसीजी से उत्तर प्रदेश में ‘बूढ़ी गंगा’ नदी के उद्गम का पता लगाने को कहा
एनजीटी ने एनएमसीजी से उत्तर प्रदेश में ‘बूढ़ी गंगा’ नदी के उद्गम का पता लगाने को कहा
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को निर्देश दिया है कि वह ‘बूढ़ी गंगा’ नदी के उद्गम और गंगा नदी या उसकी किसी सहायक नदी में मिलने तक उसके पूरे प्रवाह मार्ग की पहचान करते हुए एक रिपोर्ट सौंपे।
एनजीटी उत्तर प्रदेश में बूढ़ी गंगा नदी पर अतिक्रमण से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रहा था। हरित अधिकरण ने इससे पहले संबंधित अधिकारियों को नदी के बाढ़ क्षेत्र का सीमांकन करने का निर्देश दिया था।
तीन अगस्त को पारित आदेश में एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने कहा कि राज्य के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। आदेश की प्रति बुधवार को उपलब्ध हो सकी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 के तहत रुड़की स्थित राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (एनआईएच) की रिपोर्ट के आधार पर बूढ़ी गंगा के बाढ़ क्षेत्र का भौतिक सीमांकन और सीमा स्तंभ लगाने का काम किया जा रहा है।
विभाग की रिपोर्ट में कहा गया, ‘नदी के चार (कछार क्षेत्र) हिस्सों में सीमा स्तंभ लगाने का काम जारी है और इसे संभवत: 30 अगस्त, 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।’
रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरनगर जिले में 277 सीमा स्तंभ लगाए जा चुके हैं, जबकि मेरठ और हापुड़ जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है।
एनजीटी ने राज्य के अधिकारियों को अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट में बाढ़ क्षेत्र के सीमांकन का काम पूरा होने की पुष्टि करनी होगी।
अधिकरण ने याचिकाकर्ता की उस दलील पर भी गौर किया, जिसमें कहा गया था कि राज्य के अधिकारियों ने बूढ़ी गंगा नदी के उद्गम स्थल की गलत जानकारी दी है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसके पास नदी के उद्गम को दर्शाने वाला 200 साल पुराना ‘प्रामाणिक’ नक्शा मौजूद है।
याचिकाकर्ता ने पिछली सुनवाई के दौरान बताया था कि नदी मुजफ्फरनगर जिले के देवेल गांव से निकलती है और हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर तक बहती है।
अधिकरण ने उन्हें एक सप्ताह के अंदर एनएमजीसी को नक्शा और अन्य जरूरी सामग्री सौंपने की इजाजत दे दी।
पीठ ने कहा, ‘एनएमसीजी के महानिदेशक इस मामले की ठीक से जांच करेंगे, अपने पास मौजूद अन्य जानकारी पर भी विचार करेंगे और एक हलफनामे के जरिये रिपोर्ट सौंपेंगे। इस रिपोर्ट में ‘बूढी गंगा’ नदी के उद्गम स्थल और गंगा नदी या उसकी किसी सहायक नदी में मिलने तक के उसके पूरे प्रवाह मार्ग की जानकारी दी जाएगी।’
अधिकरण ने कहा, ‘‘यह हलफनामा अगली सुनवाई की तारीख (16 अक्टूबर) से कम से कम एक सप्ताह पहले दाखिल किया जाए।’’
भाषा शुभम सुरेश
सुरेश

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