एनजीटी ने भोपाल की अपर झील के संरक्षण के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

एनजीटी ने भोपाल की अपर झील के संरक्षण के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

एनजीटी ने भोपाल की अपर झील के संरक्षण के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:09 pm IST
Published Date: September 10, 2020 11:24 am IST

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उस याचिका पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और अन्य से जवाब मांगा है जिसमें भोपाल की अपर झील के संरक्षण और जलाशय से अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया गया है।

न्यायमूर्ति शिव कुमार और विशेषज्ञ सदस्य एस एस गरब्याल की पीठ ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, शहरी विकास विभाग, मध्यप्रदेश नमभूमि प्राधिकरण, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य को नोटिस जारी किया। पीठ ने उनसे चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

अधिकरण आर्य श्रीवास्तव द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया है कि अपर झील के किनारे अतिक्रमण किया गया है।

याचिका में कहा गया है कि भोज ‘वेट लैंड’ अपर झील अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित स्थान है।

याचिका में कहा गया है कि नियमों के अनुसार नमभूमि में स्थायी प्रकृति वाला निर्माण प्रतिबंधित है लेकिन इस झील के किनारे कंक्रीट ढांचों, झोपड़ियों आदि का निर्माण कर अवैध अतिक्रमण किया गया है।

भाषा

अविनाश माधव

माधव


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