यमुना निगरानी समिति के पुनर्गठन की याचिका एनजीटी ने खारिज की

यमुना निगरानी समिति के पुनर्गठन की याचिका एनजीटी ने खारिज की

यमुना निगरानी समिति के पुनर्गठन की याचिका एनजीटी ने खारिज की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:19 pm IST
Published Date: June 2, 2021 7:49 am IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यमुना निगरानी समिति के पुनर्गठन की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी और कहा कि आदेश पर पुनर्विचार करने का कोई आधार नहीं है।

इस समिति का गठन नदी के पुनरुद्धार के काम की निगरानी करने के लिए किया गया था।

एनजीटी ने जनवरी में समिति को भंग करते हुए कहा था कि यह दो वर्ष से भी अधिक समय तक काम कर चुकी है। इसके साथ ही उसने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को सफाई के काम की निगरानी करने का निर्देश दिया था।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए. के. गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि उसका आदेश स्वत: स्पष्ट है तथा इसके लिए किसी तरह के स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं है।

अधिकरण अपने 27 जनवरी 2021 के आदेश पर पुनर्विचार के लिये दाखिल एक आवेदन पर सुनवाई कर रहा था। इस आवेदन में जनवरी का आदेश रद्द करने समिति को बनाए रखने या उसे पुनर्गठित करने का अनुरोध किया गया था।

भाषा

मानसी अनूप

अनूप


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