एनजीटी ने गंगा संरक्षण के संशोधित नियमों के खिलाफ याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

एनजीटी ने गंगा संरक्षण के संशोधित नियमों के खिलाफ याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

एनजीटी ने गंगा संरक्षण के संशोधित नियमों के खिलाफ याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
Modified Date: August 23, 2026 / 03:53 pm IST
Published Date: August 23, 2026 3:53 pm IST

नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गंगा संरक्षण से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए बदलावों को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

एनजीटी ने 19 अगस्त के एक आदेश में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

हरित निकाय अमित कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2026 में जारी सरकारी अधिसूचना ने नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारों को ‘निर्माण-मुक्त क्षेत्र’ के दायरे से हटा दिया, जो पर्यावरण नियमों के खिलाफ है।

याचिका के अनुसार, नयी अधिसूचना पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के दायरे से बाहर है और नदी के संरक्षण के लिए बनाई गई मूल योजना को खत्म करती है।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने इस दावे पर गौर किया कि ‘गंगा नदी (कायाकल्प, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016’ में संशोधन करने वाली अधिसूचना हरित अधिकरण और संवैधानिक अदालतों के पिछले फैसलों, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 और मूल अधिसूचना के खिलाफ है।

एनजीटी 27 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई करेगा।

भाषा शफीक नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में