एनएचआरसी ने अदालत का अपमान किया, हिंसा संबंधी रिपोर्ट मीडिया में लीक नहीं करनी चाहिए थी: मीडिया

एनएचआरसी ने अदालत का अपमान किया, हिंसा संबंधी रिपोर्ट मीडिया में लीक नहीं करनी चाहिए थी: मीडिया

एनएचआरसी ने अदालत का अपमान किया, हिंसा संबंधी रिपोर्ट मीडिया में लीक नहीं करनी चाहिए थी: मीडिया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:24 pm IST
Published Date: July 15, 2021 12:03 pm IST

कोलकाता, 15 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘‘अदालत का अपमान’’ करने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘‘राजनीतिक बदला लेने’’ के लिए राज्य में चुनाव के बाद कथित हिंसा संबंधी अपनी रिपोर्ट मीडिया में लीक करने को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की बृहस्पतिवार को निंदा की।

बनर्जी ने राज्य सरकार के विचार जाने बिना एनएचआरसी के निष्कर्ष पर पहुंचने को लेकर हैरानी जताई। उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भाजपा अब हमारे राज्य की छवि खराब करने और राजनीतिक बदला लेने के लिए निष्पक्ष एजेंसियों का सहारा ले रही है। एनएचआरसी को अदालत का सम्मान करना चाहिए था। मीडिया में रिपोर्ट के निष्कर्ष लीक करने के बजाय, उसे पहले इसे अदालत में दाखिल करना चाहिए था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप इसे भाजपा के राजनीतिक बदले के अलावा और क्या कहेंगे? वह (विधानसभा चुनाव में) अब भी हार पचा नहीं पाई है और इसी लिए पार्टी इस तरह के हथकंडे अपना रही है।’’

राज्य में चुनाव के बाद हिंसा की कथित घटनाओं की जांच कर रही एनएचआरसी की एक समिति ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष पेश की गई अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पश्चिम बंगाल की स्थिति ‘‘कानून के शासन के बजाय शासक के कानून को दर्शाती’’ है और उसने ‘‘हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों’’ की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी।

बनर्जी ने कहा कि यदि उन्हें ‘‘समय दे दिया गया’’, तो वह अगले सप्ताह दिल्ली के अपने दौरे में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलना चाहेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं हर बार चुनाव के बाद अपने पुराने एवं नए मित्रों से मिलने दिल्ली जाती हूं, इसलिए मैं इस बार भी कुछ दिन के लिए राष्ट्रीय राजधानी जाऊंगी, क्योंकि इस समय कोविड-19 संबंधी हालात नियंत्रण में हैं।’’

भाषा सिम्मी माधव

माधव


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