वेंटिलेटर नहीं मिलने से नवजात की मौत के मामले में हरियाणा सरकार को एनएचआरसी का नोटिस
वेंटिलेटर नहीं मिलने से नवजात की मौत के मामले में हरियाणा सरकार को एनएचआरसी का नोटिस
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सोमवार को कहा कि उसने हरियाणा के हिसार और रोहतक जिलों के अस्पतालों में कथित तौर पर लगभग 24 घंटे तक वेंटिलेटर सहायता नहीं मिलने के कारण एक नवजात बच्चे की मौत के सिलसिले में हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित तथ्यों को सही माना जाए, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है।
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि उसने मीडिया में प्रकाशित उस खबर का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि हरियाणा के हिसार और रोहतक के अस्पतालों में लगभग 24 घंटे तक वेंटिलेटर सहायता नहीं मिलने के कारण एक नवजात बच्चे की मौत हो गई।
रिपोर्ट के अनुसार, नवजात बच्चे के पिता अपने बच्चे के लिए वेंटिलेटर सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास में हिसार और रोहतक के विभिन्न अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें कहीं भी यह सुविधा नहीं मिल सकी, जिसके परिणामस्वरूप शिशु की मौत हो गई।
आयोग ने इस मामले में हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी ने तीन जुलाई को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि एक जुलाई को हिसार के सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के जरिये बच्चे का जन्म हुआ था और उसे तत्काल वेंटिलेटर सहायता की आवश्यकता थी।
बयान के अनुसार, मां को सिविल अस्पताल में ही भर्ती रखा गया, जबकि चिकित्सकों ने पहले नवजात को हिसार जिले के अग्रोहा स्थित मेडिकल कॉलेज भेजने की सलाह दी।
हालांकि, बाद में सिविल अस्पताल ने बताया कि अग्रोहा में वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। इसके बाद नवजात को रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआईएमएस) रेफर किया गया।
आयोग के अनुसार, पीजीआईएमएस में भी वेंटिलेटर सहायता नहीं मिलने पर बच्चे को वापस हिसार लाया गया और एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भाषा रवि कांत सुरेश
सुरेश

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