नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बुधवार को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एक प्रमुख सदस्य को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने के बाद गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कथित कट्टरपंथ और “हिंसक जिहाद” से जुड़े मामले में यह गिरफ्तारी की गई है। इसके साथ ही तीन वर्षों से फरार इस आरोपी की तलाश समाप्त हो गई।
आरोपी की पहचान केरल के मलप्पुरम जिले के कट्टीपरुथी निवासी मोइदीनकुट्टी पी. के रूप में हुई है।
एनआईए के अनुसार, सितंबर 2022 में विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने से जुड़े मामले के दर्ज होने के बाद से वह फरार था।
एजेंसी ने बताया कि मोइदीनकुट्टी केरल में पीएफआई के शारीरिक प्रशिक्षण का समन्वयक था और मामला दर्ज होते ही देश छोड़कर भाग गया था।
जांच के दौरान उसके आवास पर तलाशी ली गई थी, जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे।
एनआईए के अनुसार, साजिश के तहत चुनिंदा युवाओं को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया और आतंक एवं हिंसा की घटनाओं को अंजाम देने के लिए धन जुटाया गया।
एजेंसी का दावा है कि इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत में “इस्लामी शासन स्थापित करना” था।
एनआईए ने आरोप लगाया कि पीएफआई ने इस साजिश को आगे बढ़ाने के लिए ‘रिपोर्टर शाखा’, ‘शारीरिक एवं हथियार प्रशिक्षण शाखा और ‘सेवा टीम’ जैसे विभिन्न प्रकोष्ठ बनाए थे।
एजेंसी ने कहा कि पीएफआई ने अपने परिसरों और ढांचे का इस्तेमाल शारीरिक शिक्षा और योग प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों की आड़ में चुनिंदा सदस्यों को हथियारों का प्रशिक्षण देने के लिए किया।
इस मामले में एनआईए अब तक 65 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
भाषा राखी सुरेश
सुरेश