रूपनगर (पंजाब), चार जून (भाषा) निहंग सिखों के एक समूह ने बुधवार को कीरतपुर साहिब-मनाली राजमार्ग से पंजाब में प्रवेश करने वाले हिमाचल प्रदेश के नंबर वाले वाहनों पर प्रतीकात्मक ‘खालसा कर’ लगाया।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के वाहनों पर लगाए जाने वाले प्रवेश कर के विरोध में निहंग सिखों ने यह कदम उठाया है।
निहंग नेता अच्छर सिंह के नेतृत्व में निहंग सिखों के एक समूह ने कीरतपुर साहिब-मनाली राजमार्ग पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक टोल प्लाजा के पास नाकेबंदी की और करीब एक घंटे से अधिक समय तक कर (कर) एकत्र किया।
सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने किसी को भी भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया, बल्कि पंजाब में प्रवेश कर रहे हिमाचल प्रदेश के पंजीकृत वाहनों के चालकों से स्वेच्छा से ‘खालसा कर’ के रूप में 10 रुपये या उससे अधिक की कोई भी राशि देने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘यह हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों पर लगाए जाने वाले कर के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध था।’
निहंग नेता ने आरोप लगाया, ‘हम हिमाचल सरकार से पूछना चाहते हैं कि यह पैसा कहां जाता है, जिसे निजी लोग वसूलते हैं। यह मुगल काल के दौरान वसूले जाने वाले ‘जजिया कर’ जैसा है। हम हिमाचल प्रदेश में इस प्रवेश कर प्रणाली के माध्यम से परिवहन व्यवसायियों और यात्रियों पर डाले जा रहे अनुचित बोझ का विरोध कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा कि वे ‘खालसा कर’ से एकत्र की गई राशि का उपयोग गरीबों के कल्याण के लिए करेंगे।
निहंग नेता ने कहा कि उन्होंने कीरतपुर पुलिस से अधिकारियों तक यह संदेश पहुंचाने को कहा है कि यदि गैर-हिमाचली वाहनों के लिए ‘प्रवेश कर’ बंद नहीं किया गया, तो वे स्थायी रूप से ‘खालसा कर’ वसूलना शुरू कर देंगे।
भाषा सुमित मनीषा
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