दिल्ली में अवैध निर्माणों पर रोक और ध्वस्तीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करे एमसीडी : उपराज्यपाल

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दिल्ली में अवैध निर्माणों पर रोक और ध्वस्तीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करे एमसीडी : उपराज्यपाल

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 04:16 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 04:16 PM IST

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने बृहस्पतिवार को एमसीडी के अधिकारियों को राजधानी में अवैध निर्माणों को चिह्नित करने, उन्हें रोकने और ध्वस्त करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। लोक निवास के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संधू ने बेहतर शहरी प्रशासन, नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार और राजधानी में संरचनात्मक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर बल दिया।

लोक निवास के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘उपराज्यपाल ने अवैध निर्माणों को चिह्नित करने, उन्हें रोकने और ध्वस्त करने के लिए व्यापक कार्ययोजना लागू करने पर बल दिया। उन्होंने एक ऐसे नियामक ढांचे की मांग की जो भवन निर्माण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे, अवैध निर्माणों और विस्तारों पर दंड लगाए तथा सभी नगरपालिका क्षेत्रों में पूर्ण संस्थागत जवाबदेही तय करे।’’

उपराज्यपाल ने अवैध संरचनात्मक विस्तार पर अंकुश लगाने के लिए भवन उपविधियों के ‘‘सख्त अनुपालन’’ का निर्देश दिया और एमसीडी से कहा कि वह अवैध निर्माणों से निर्णायक ढंग से निपटने के लिए समयबद्ध रणनीति लागू करे।

ये निर्देश दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड की घटना के बाद दिए गए हैं, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई और विदेशियों सहित 25 अन्य लोग घायल हो गए थे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘एमसीडी एक उच्च-स्तरीय और समयबद्ध अभियान शुरू करेगा, जिसके तहत निर्धारित अवधि के भीतर सभी जारी और मौजूदा अवैध निर्माणों की पहचान कर उन्हें सील किया जाएगा या ध्वस्त किया जाएगा।’’

संधू ने स्वीकृत भवन नक्शों अथवा मानक सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर किए गए अवैध आवासीय और वाणिज्यिक विस्तारों की पहचान, जांच और रोकथाम के लिए भी कड़ी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध संशोधनों या जारी अनधिकृत निर्माणों का पता लगाने में विफल रहने पर स्थानीय अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों और नगर निगम के निगरानी अधिकारियों को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा।’’

इस बैठक में उपराज्यपाल ने मानसून से पहले वर्षा जल निकासी नालों की सफाई, सड़कों और फुटपाथों की मरम्मत, धूल नियंत्रण उपायों तथा स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कचरा निस्तारण अभियान जैसे अन्य बुनियादी ढांचा संबंधी मुद्दों की भी समीक्षा की।

भाषा रवि कांत रवि कांत वैभव

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