मोदी सरकार में नीलेकणी के नेतृत्व वाले कार्यबल की रिपोर्ट भी धूल फांकेगी: कांग्रेस

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मोदी सरकार में नीलेकणी के नेतृत्व वाले कार्यबल की रिपोर्ट भी धूल फांकेगी: कांग्रेस

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 05:38 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 05:38 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को दावा किया कि मोदी सरकार का अब तक का रिकॉर्ड देखते हुए यह स्पष्ट है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ी राधाकृष्णन समिति की तरह नए कार्य बल की रिपोर्ट भी धूल फांकेगी।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में लगातार गड़बड़ियों के बाद मोदी सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देने के लिए के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।

उन्होंने कहा कि समिति ने कुल 101 सिफारिशें की थीं, जिनमें 60 अल्पकालिक, 30 मध्यम अवधि की और छह सरकार के लिए थीं।

कांग्रेस महासचिव ने अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित विश्लेषण का हवाला देते हुए दावा किया कि समिति की 101 सिफारिशों में से 27 अब तक लागू नहीं की गई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले में देश को जानबूझकर गुमराह किया।

रमेश के मुताबिक, तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिसंबर, 2024 में घोषणा की थी कि समिति की सिफारिशों के अनुरूप एनटीए अब भर्ती परीक्षाएं आयोजित नहीं करेगा, लेकिन इसके बावजूद एनटीए ने 2025 और 2026 में कई भर्ती परीक्षाएं आयोजित कीं।

कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि 2024 और 2026 के कथित पेपर लीक मामलों के बीच करीब दो वर्षों तक एनटीए में पूर्णकालिक महानिदेशक की नियुक्ति नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने की न तो सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति थी और न ही ईमानदार मंशा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब नंदन नीलेकणी की अगुवाई में उच्चस्तरीय कार्यबल किस मुंह से बना रहे हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘सरकार के अब तक के रिकॉर्ड को देखते हुए इस कार्यबाल की रिपोर्ट भी धूल फांकेगी।’’

भाषा हक हक सुरेश

सुरेश