मतदाताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद अपना राजनीतिक रुख तय करेंगे निंबालकर

मतदाताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद अपना राजनीतिक रुख तय करेंगे निंबालकर

मतदाताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद अपना राजनीतिक रुख तय करेंगे निंबालकर
Modified Date: June 21, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: June 21, 2026 4:40 pm IST

पुणे/मुंबई, 21 जून (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह बागी नेताओं में से एक, लोकसभा सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने रविवार को कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में कोई फैसला लेंगे। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को उम्मीद है कि वह (निंबालकर) पार्टी छोड़कर नहीं जाएंगे।

निंबालकर रविवार को पुणे से अपने निर्वाचन क्षेत्र उस्मानाबाद (धाराशिव) के लिए रवाना हुए। उनके बानेर इलाके स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्हें ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा के साथ धाराशिव ले जाया गया।

महाराष्ट्र में शिवसेना (उबाठा) के छह ‘बागी’ लोकसभा सदस्यों को तत्काल प्रभाव से ‘वाई-प्लस’ सुरक्षा दी गई है। पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन सांसदों पर पाला बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए उन्हें धमकियां दी थीं।

‘वाई-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा के तहत 11 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा में तैनात रहते हैं।

सांसद संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टीकर और निंबालकर 17 जून को दिल्ली में शिवसेना (उबाठा) संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे अटकलें तेज हो गईं कि वे लोग एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में जा रहे हैं।

शिवसेना (उबाठा) के नौ लोकसभा सदस्य हैं और बागी गुट को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए कम से कम छह सांसदों — यानी कुल संख्या का दो-तिहाई— की जरूरत है।

रविवार को पुणे से निकलने से पहले पत्रकारों से बातचीत में निंबालकर ने कहा, ‘‘मैं आज शाम चार बजे अपने चुनाव क्षेत्र के गोवर्धनवाड़ी में लोगों और पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करूंगा और अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट करूंगा। लोगों से बातचीत के बाद, मैं अपनी भविष्य की राजनीतिक दिशा के बारे में साफ-साफ बताऊंगा।”

लोकसभा सदस्य ने कहा, “मैं उद्धव ठाकरे या आदित्य ठाकरे पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। दोनों दलों के नेता मुझसे मिल रहे हैं।”

एक विशेष अदालत ने शनिवार को राकांपा के पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल और सात अन्य लोगों को उनके पिता और कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर की 2006 में हुई हत्या के मामले में बरी कर दिया।

इस बारे में पूछे जाने पर सांसद ने कहा, “मैं अपने पिता की हत्या के मामले में आए अदालती फैसले के खिलाफ न्याय पाने के लिए उच्च न्यायालय जाऊंगा। मैं अपने पिता की हत्या के मामले में सुनाए गए फैसले को चुनौती दूंगा।”

अदालत के फैसले के बाद, ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने शनिवार को कहा कि वह अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद दो दिनों के भीतर अपना राजनीतिक रुख तय करेंगे।

उन्होंने कहा, “मैंने कभी भी उद्धव ठाकरे या आदित्य ठाकरे के खिलाफ कुछ नहीं कहा है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करूंगा।”

शिवसेना (उबाठा) के विधायक कैलाश पाटिल और वरुण सरदेसाई ने रविवार तड़के पुणे में सांसद के आवास पर पहुंचे।

मुलाकात के बाद पाटिल ने पत्रकारों से कहा, “हमारी ओम(प्रकाश) राजे से बातचीत हुई। हमने उन्हें उद्धव साहब का संदेश पहुंचाया। हमें भरोसा है कि वह (निंबालकर) हमारे साथ ही रहेंगे।”

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश


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