पूर्वी दिल्ली में आवासीय इमारत में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत

पूर्वी दिल्ली में आवासीय इमारत में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत

पूर्वी दिल्ली में आवासीय इमारत में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत
Modified Date: May 3, 2026 / 10:05 pm IST
Published Date: May 3, 2026 10:05 pm IST

(तस्वीरों सहित)

नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक आवासीय इमारत में भीषण आग लग जाने से दो परिवारों के कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि एयर कंडीशनर (एसी) में विस्फोट हो जाने के कारण आग लगी होगी।

विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में तड़के करीब तीन बजकर 50 मिनट पर आग लगी और यह तेजी से पिछले हिस्से में फैल गई तथा इसने पहली से चौथी मंजिल तक के फ्लैट को अपनी जद में ले लिया। इमारत में घना धुआं भर जाने के कारण निवासी उसके अंदर फंस गए।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आग पहली मंजिल पर एसी में विस्फोट होने के कारण लगी होगी, और तेज हवाओं की वजह से इसने भीषण रूप ले लिया।

इमारत की संरचना और सुरक्षा प्रणालियों ने त्रासदी को और विकराल कर दिया। इसमें प्रवेश और निकास के लिए केवल एक सीढ़ी थी, जबकि छत का दरवाजा बंद था।

सेंट्रल लॉक सिस्टम और एकमात्र आंतरिक निकास मार्ग के रूप में उपयोग में लाई जाने वाली सीढ़ी जानलेवा साबित हुई।

पिछले हिस्से में लगी लोहे की ग्रिल और बंद बालकनी के साथ-साथ आसपास की इमारतों और एक संकरी गली के ऊपर से गुजरने वाले तारों के कारण लोगों को निकालने और बचाव प्रयासों में बाधा आई।

एक दमकल कर्मी ने बताया, ‘‘आग लगने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और इसकी वजह से ‘सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम’ से बंद दरवाजे को खोलना मुश्किल हो गया था, जबकि लिफ्ट भी काम नहीं कर रही थी। हमें फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए लोहे की ग्रिल काटनी पड़ी।’’

उन्होंने बताया कि लगभग 15 लोगों को बचाने के लिए टीम ने अलग-अलग दिशाओं से सीढ़ियां लगाईं, साथ ही एक घुमावदार सीढ़ी का उपयोग किया।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), पुलिस कर्मियों और स्वयंसेवियों के साथ दमकल की 12 गाड़ियां आग बुझाने के काम में लगाई गईं। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, इमारत के विभिन्न हिस्सों से, जिनमें फ्लैट और बंद दरवाजे वाली छत की ओर जाने वाली सीढ़ियां शामिल हैं, नौ झुलसे हुए शव बरामद किए गए।

दूसरी मंजिल पर मृत पाए गए लोगों की पहचान अरविंद जैन (60), उनकी पत्नी अनिता जैन (58), बेटे निशांत जैन (35), पुत्रवधू आंचल जैन (33) और पोते आकाश जैन के रूप में हुई है। ये सभी एक ही परिवार के हैं।

तीसरी मंजिल पर एक अन्य परिवार के तीन सदस्य मृत पाए गए। उनकी पहचान नितिन जैन (50), उनकी पत्नी शैली जैन (48) और बेटे सम्यक जैन (25) के रूप में हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि पहली मंजिल पर शिखा जैन (45) नाम की महिला मृत पाई गईं, जबकि उनके पति नवीन जैन (48) घायल हैं, जिनका उपचार हो रहा है। उनकी दो बेटियां स्थानीय लोगों की मदद से निकलने में कामयाब रहीं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी और लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई। कुछ पीड़ितों ने छत पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा बंद होने के कारण वे बच नहीं पाए।

एक दमकलकर्मी ने कहा, ‘‘कुछ पीड़ितों के शव छत की ओर जाने वाली सीढ़ियों के पास मिले। अगर छत का दरवाजा खुला होता, तो शायद वे बच जाते।’’

पीड़ित परिवार के सदस्यों और दोस्तों ने बताया कि आग फैलने पर कुछ पीड़ितों ने मदद के लिए गुहार लगाई। मृतकों में से एक के दोस्त ने कहा, ‘‘वह लगातार लोगों को फोन कर रहा था, ‘मुझे बचाओ, मुझे बचाओ’।’’

परिवार के सदस्यों और दोस्तों ने बताया कि कुछ पीड़ितों ने आवासीय भवन में आग तेजी से फैलने के दौरान कई लोगों से संपर्क करने की कोशिश की थी।

इस घटना में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के करीबी दोस्त ने बताया, ‘‘उसने कई लोगों को फोन किया, बार-बार ‘मुझे बचाओ, मुझे बचाओ’ की गुहार लगाता रहा।’’

परिवार के नये घर में काम कर रहे पारिवारिक मित्र और वास्तुकार मनोज ने बताया कि मृतकों में शामिल निशांक ने उन्हें तड़के लगभग 3:50 बजे और फिर 4 बजे फोन किया, क्योंकि इमारत के अंदर स्थिति बिगड़ रही थी।

शिखा जैन (मृतका) के रिश्तेदार अनुज जैन (50) ने बताया कि शिखा के पति नवीन जैन बुरी तरह झुलस गए हैं और उनका इलाज चल रहा है।

अनुज ने कहा, ‘‘उनकी दोनों बेटियों ने इमारत से कूदकर अपनी जान बचाई। उन्हें अस्पताल लाया गया और बाद में छुट्टी दे दी गई।’’

अधिकारियों ने बताया कि नवीन जैन कम से कम 30 प्रतिशत झुलस गए हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालांकि, परिवार ने आरोप लगाया कि नवीन को सफदरजंग अस्पताल ले जाते समय जीटीबी अस्पताल ने लापरवाही बरती। उन्होंने दावा किया, ‘‘हम वहां दो घंटे तक फंसे रहे और कोई एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी।’’

शहीद भगत सिंह सेवा दल के जोतजीत सबरवाल ने बताया कि उनका दल सुबह 6:15 बजे घटनास्थल पर पहुंचा और शवों को निकालना शुरू किया।

उन्होंने इमारत के अंदर के दृश्य को ‘‘भयावह’’ बताया।

लगभग 10-15 लोगों को बचा लिया गया, जबकि मामूली रूप से घायल दो लोगों को गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘‘विवेक विहार में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही, हताहतों की आशंका को देखते हुए अस्पताल ने तुरंत आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल (कोड रेड) सक्रिय कर दिया।’’

इसमें कहा गया कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया और क्लिनिकल ​​विभागों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मरीजों के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के वास्ते तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

अस्पताल ने बताया, ‘‘लगभग सुबह 5 बजे, झुलसने से घायल तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनमें से दो का आपातकालीन विभाग में इलाज किया गया।’’

विवेक विहार पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है और आग लगने के सटीक कारण और संभावित चूक का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना में लोगों की मौत होने पर दुख जताते हुए कहा कि पीड़ितों को चिकित्सकीय सहायता और राहत तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है।

कई राजनीतिक नेताओं ने घटनास्थल का दौरा भी किया और शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, स्थानीय विधायक संजय गोयल सहित पार्टी के अन्य नेताओं के साथ सुबह करीब 10 बजे शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की।

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में