ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भयंकर आग,नौ लोगों की मौत, छह की हुई पहचान
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भयंकर आग,नौ लोगों की मौत, छह की हुई पहचान
नोएडा (उप्र), 24 सितंबर (भाषा) दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से नौ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार छह मृतकों की पहचान हो गयी है।
पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा रवि शंकर नीम ने बताया कि मृतकों की पहचान कुमारी श्रुति रावत (31) ( निवासी छतरपुर, मध्यप्रदेश), उषा देवी (65) (निवासी जनपद हमीरपुर), हर शरण गुप्ता (55) (निवासी जनपद जालौन), देवेंद्र भारद्वाज (61) (निवासी जनपद हिसार, हरियाणा), सरोज गुप्ता (52) (निवासी जनपद हमीरपुर), मयंक गुप्ता (28) (निवासी हमीरपुर) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि कुछ शव इतने जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों की पहचान कराने के लिए पुलिस डीएनए परीक्षण करवाने पर विचार कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
बुधवार देर रात हुई इस घटना के संबंध में बस के चालक और परिचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्राथमिकी के अनुसार, बस में जलने की गंध आने पर यात्रियों ने शोर मचाया और चालक से बस रोकने को कहा, लेकिन चालक और परिचालक ने कथित तौर पर ऐसा करने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘अगर मरना है तो मर जाओ, हम बस नहीं रोकेंगे।’’
आग की लपटें उठने और बस में धुआं भरने के बाद बाहर निकलने के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक और परिचालक किसी तरह मौके से भाग निकले। बस में 35 यात्री सवार थे।
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि बस की एयर कंडीशनिंग (एसी) प्रणाली में चिंगारी निकलने या विस्फोट होने के कारण आग लगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
मुख्य दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पंजीकरण संख्या बीआर32पीए8647 वाली बस नयी दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी, और इस दौरान जेवर थाना इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर उसमें आग लग गई।
कुमार ने कहा, ‘‘सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी, स्थानीय पुलिसकर्मी, बचावकर्मी, जेवर टोल प्लाजा पर तैनात एक दमकल गाड़ी और चार अन्य दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझायी’’
उन्होंने बताया, ‘‘इस अभियान के दौरान 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया। जब पुलिस और अग्निशमन सेवा के कर्मचारी धुएं के बीच बस के अंदर घुसे, तो वहां नौ लोग मृत पाए गए। ऐसा लगता है कि उनकी मौत जलने या दम घुटने से हुई थी।’’
कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि बस की एयर-कंडीशनिंग प्रणाली में चिंगारी या धमाके की वजह से इंजन के ‘लुब्रिकेंट ऑयल’ में आग लग गई होगी, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई।
अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अजीत कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि यह घटना बुधवार रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। बस में 35 यात्री सवार थे और इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को विशेष वाहन से महोबा ले जाया गया।’’
उन्होंने बताया, ‘‘करीब 15 लोगों को विशेष वाहन से महोबा भेजा गया, जबकि कुछ लोग निजी वाहनों से चले गए। एक महिला अभी अस्पताल में भर्ती है और आरोग्य अस्पताल में उसका उपचार हो रहा है।’’
सिंह ने बताया कि शवों को शवगृह ले जाया गया है।
पुलिस ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है तथा बस के चालक व परिचालक को हिरासत में लिया गया है।’’
बस में यात्रा कर रहे हमीरपुर जिले के निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर जेवर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कुमार ने बताया कि वह बुधवार रात करीब नौ बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में सवार हुए थे। रात करीब 11.30 बजे बस यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंची, तभी यात्रियों को चालक के केबिन से जलने की गंध आने लगी।
उन्होंने दावा किया, ‘‘चेतावनी दिए जाने के बावजूद चालक ने गंध को बस में आने वाली सामान्य गंध बताकर नजरअंदाज कर दिया और वाहन की जांच करने के लिए बस नहीं रोकी।”
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चालक और परिचालक केबिन में बीड़ी और सिगरेट पीते रहे तथा कुछ ही देर बाद चालक की सीट के पास अचानक आग की लपटें उठने लगीं।’’
शिकायत में कहा गया है कि जब तक बस रुकी, तब तक आग फैल चुकी थी और वाहन धुएं से भर गया था। कुमार ने बताया कि वह और कई अन्य यात्री किसी तरह बस से कूदकर बाहर निकले, जबकि कुछ लोग अंदर फंसे रह गए।
प्राथमिकी के अनुसार, कई यात्री झुलस गए और उन्हें इलाज के लिए जेवर के कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां शिकायतकर्ता को बताया गया कि नौ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चालक और परिचालक की यात्रियों की सुरक्षा के प्रति ‘‘जानबूझकर की गई गंभीर लापरवाही, लापरवाहीपूर्ण हरकत तथा पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना रवैये’’ के कारण लोगों की मौत हुई।
सुबह एक क्रेन की मदद से बस के जले हुए ढांचे को एक्सप्रेसवे से हटाया गया।
इस भयावह घटना को याद करते हुए घायल यात्री रेखा ने संवाददाताओं को बताया कि बस से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान वह गिर गईं और भीड़ ने उन्हें कुचल दिया। वह अपने पति के साथ यात्रा कर रही थीं।
अस्पताल के बिस्तर पर माथे और दाहिने हाथ पर पट्टी बांधे रेखा ने कहा, ‘‘बस रुक गई थी और यात्री अपनी जान बचाने के लिए बस से बाहर कूद रहे थे। मैं किसी तरह बाहर निकल पायी और सड़क पर गिर गई।’’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस घटना में लोगों की मौत को बेहद पीड़ादायक बताया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में लगी आग में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं इस हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के निकटतम परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बस में आग लगने की घटना में लोगों की मौत की खबर से बेहद दुखी हूं। अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए और मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार इस बस का पंजीकरण बिहार प्रांत में हुआ है। उन्होंने बताया कि बस का फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान से, जब की प्रदूषण प्रमाण पत्र हरियाणा से जारी हुआ है।
भाषा
राजकुमार
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