एनआईएनईसी ने पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की
एनआईएनईसी ने पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की
नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) ‘द ऑल इंडिया न्यूजपेपर एडिटर्स कॉन्फ्रेंस’ (एआईएनईसी) ने पत्रकारों पर कथित रूप से बढ़ते हमलों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ‘‘पाबंदियों’’ और मीडिया संगठनों पर ‘‘बढ़ते आर्थिक दबावों’’ को लेकर शनिवार को चिंता व्यक्त की।
एआईएनईसी ने एक बयान में दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) की मौजूदा विज्ञापन नीतियां बड़े प्रकाशन समूहों के पक्ष में झुकी हुई हैं और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों की चिंताओं पर विचार करने का आग्रह किया।
एआईएनईसी ने शनिवार को यहां अपनी वार्षिक आम सभा आयोजित की, जिसमें देशभर के संपादकों और प्रतिनिधियों ने पत्रकारों की सुरक्षा, प्रेस की स्वतंत्रता और लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों के सामने आने वाली चुनौतियों से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
इसने बयान में कहा, ‘‘सदस्यों ने पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पाबंदियों और मीडिया संगठनों पर बढ़ते आर्थिक दबावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।’’
एआईएनईसी ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों से पत्रकारों तथा मीडिया पेशेवरों को पर्याप्त सुरक्षा, समर्थन और सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया ताकि वे ‘‘बिना किसी भय, धमकी या हस्तक्षेप’’ के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
एआईएनईसी ने दावा किया कि विज्ञापन नीतियों में असंतुलन के कारण, कई लघु एवं मध्यम समाचार पत्र गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
बयान के अनुसार एआईएनईसी ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से सरकारी विज्ञापनों के निष्पक्ष और समान वितरण को सुनिश्चित करने वाली नीतियां बनाने का आग्रह किया।
भाषा देवेंद्र संतोष
संतोष

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