एनएलएसआईयू-बेंगलुरु ने ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए दीक्षांत समारोह रद्द किया

एनएलएसआईयू-बेंगलुरु ने ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए दीक्षांत समारोह रद्द किया

एनएलएसआईयू-बेंगलुरु ने ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए दीक्षांत समारोह रद्द किया
Modified Date: August 27, 2026 / 07:24 pm IST
Published Date: August 27, 2026 7:24 pm IST

बेंगलुरु, 27 अगस्त (भाषा) नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) ने ‘‘अपरिहार्य परिस्थितियों’’ का हवाला देते हुए 2026 के स्नातक बैच के लिए बृहस्पतिवार को अपना 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों ने 12 सितंबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के शामिल होने पर आपत्ति जताई थी। स्नातक विद्यार्थियों को भेजे पत्र में विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने बताया कि तीन अगस्त 2026 को शैक्षणिक प्रशासन टीम ने विद्यार्थियों को ईमेल के जरिये 12 सितंबर 2026 को वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किए जाने की प्रस्तावित तारीख की पहले ही जानकारी दी थी।

पत्र में बताया गया, ‘‘हमारे सामूहिक प्रयासों के बावजूद अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण हम 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित करने में असमर्थ हैं।’’

विश्वविद्यालय ने बताया कि संबंधित शासी निकायों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद सभी स्नातक विद्यार्थियों को उनकी उपाधियां प्रदान कर दी जाएंगी।

विश्वविद्यालय के मुताबिक, ‘‘छात्र अपनी डिग्री का प्रमाणपत्र डाक से मंगवा सकते हैं या परिसर से प्राप्त कर सकते हैं।’’

विश्वविद्यालय ने बताया कि छात्रों को अपनी पसंद का विकल्प चुनने के लिए नया प्रपत्र और प्रक्रिया बृहस्पतिवार को बाद में उपलब्ध कराई जाएगी।

दीक्षांत समारोह में 165 स्नातक विद्यार्थियों, 409 मौजूदा विद्यार्थियों और 128 पूर्व विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जानी थी।

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश


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