डेटा केंद्रों में जल की खपत के संबंध में कोई मामला नहीं मिला : सरकार

डेटा केंद्रों में जल की खपत के संबंध में कोई मामला नहीं मिला : सरकार

डेटा केंद्रों में जल की खपत के संबंध में कोई मामला नहीं मिला : सरकार
Modified Date: March 30, 2026 / 10:36 pm IST
Published Date: March 30, 2026 10:36 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि डेटा केंद्रों में जल की खपत के संबंध में कोई मामला प्राप्त नहीं हुआ है।

सरकार से सवाल किया गया था कि क्या डेटा केंद्रों द्वारा अपनी शीतलन प्रणालियों के लिए अत्यधिक पानी की खपत को लेकर चिंताएं जताई गई हैं?

जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने इस सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने सूचित किया कि डेटा केंद्रों में जल की खपत के संबंध में कोई मामला प्राप्त नहीं हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी के विकास और उपयोग को लोकतांत्रिक बना रही है और इसका मुख्य उद्देश्य देश में डेटा केंद्रों की स्थापना को सुगम बनाना है।

मंत्री ने कहा कि एमईआईटीवाई के अनुसार, देश में डेटा केंद्रों की क्षमता वर्ष 2020 में 375 मेगावाट थी जो बढ़कर 1500 मेगावाट से अधिक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शीतलन प्रणालियों में सुधार किया जा रहा है और वे जल दक्षता बढ़ा रहे हैं और समग्र ऊर्जा खपत को कम कर रहे हैं।

उन्होने कहा कि जल के उपयोग को कम करने के लिए उ‌द्योग विभिन्न उन्नत कूलिंग प्रौ‌द्योगिकियों को अपनाता है।

भाषा अविनाश अमित

अमित


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