विशेष पुनरीक्षण को लेकर कोई विवाद नहीं, हिंदुओं, असमिया मुसलमानों को नोटिस नहीं मिले: हिमंत

विशेष पुनरीक्षण को लेकर कोई विवाद नहीं, हिंदुओं, असमिया मुसलमानों को नोटिस नहीं मिले: हिमंत

विशेष पुनरीक्षण को लेकर कोई विवाद नहीं, हिंदुओं, असमिया मुसलमानों को नोटिस नहीं मिले: हिमंत
Modified Date: January 24, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: January 24, 2026 7:42 pm IST

गुवाहाटी, 24 जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर कोई विवाद नहीं है और उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के लिए किसी भी हिंदू या असमिया मुस्लिम को किसी प्रकार का नोटिस नहीं भेजा गया है।

उन्होंने संकेत दिया कि राज्य में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान केवल ‘मिया’ (बांग्ला भाषी मुस्लिम) लोगों को ही नोटिस भेजे जा रहे हैं, ताकि उन्हें दबाव में रखा जा सके।

शर्मा ने नलबाड़ी जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, “विशेष पुनरीक्षण को लेकर कोई विवाद नहीं है। किस हिंदू को नोटिस मिला है? किस असमिया मुस्लिम को नोटिस मिला है? मिया और ऐसे लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, वरना वे हमारा फायदा उठाएंगे।”

‘मिया’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक शब्द है और समुदाय का एक वर्ग उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानता है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि विधानसभा चुनावों से पहले जारी विशेष पुनरीक्षण अभियान ‘भाजपा एजेंट’ द्वारा वास्तविक नागरिकों, विशेषकर धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने के लिए चलाया जा रहा है और विशेष रूप से फॉर्म 7 का इस्तेमाल वास्तविक मतदाताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए किया जा रहा है। फॉर्म-7 का उपयोग कर कोई भी व्यक्ति तीन कारणों में से किसी एक के लिए अपना नाम मतदाता सूची से हटवाने का अनुरोध कर सकता है, जिसमें स्थायी रूप से स्थानांतरित होना, पहले से पंजीकृत होना या भारतीय नागरिक न होना शामिल है।

कांग्रेस की राज्य इकाई के एक पदाधिकारी ने शुक्रवार को बोको-छायगांव विधानसभा क्षेत्र में विशेष पुनरीक्षण में शामिल स्थानीय भाजपा नेताओं और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

पार्टी ने आरोप लगाया था कि मतदाताओं के नाम अनधिकृत रूप से हटाने और जोड़ने का प्रयास किया गया था।

शर्मा ने कहा, “छिपाने जैसा कुछ नहीं है। हम उन्हें परेशान कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने पहले भी कहा था कि उनके शासन में ‘मिया’ समुदाय के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

शर्मा ने कहा कि यह उन्हें दबाव में रखने की रणनीति है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्हें यह समझना होगा कि किसी न किसी स्तर पर असम की जनता उनका विरोध कर रही है। अन्यथा, उन्हें बिना अनुमति के जीत मिल जाएगी। इसलिए कुछ को विशेष पुनरीक्षण के दौरान नोटिस मिलेंगे, कुछ को बेदखली के नोटिस मिलेंगे और कुछ को सीमा पुलिस से (नागरिकता संबंधी) नोटिस मिलेंगे।”

शर्मा ने कहा, “हम ‘उत्पात’ मचाएंगे लेकिन कानून के दायरे में रहकर।… हम गरीबों और दलितों के साथ हैं लेकिन उन लोगों के साथ नहीं जो हमारी ‘जाति’ को नष्ट करना चाहते हैं।”

भाषा जितेंद्र देवेंद्र

देवेंद्र


लेखक के बारे में