पिछले साल सार्वजनिक प्रसारक के बारे में संपदकीय या स्वायत्तता से जुड़ी कोई शिकायत नहीं मिली: सरकार
पिछले साल सार्वजनिक प्रसारक के बारे में संपदकीय या स्वायत्तता से जुड़ी कोई शिकायत नहीं मिली: सरकार
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि पिछले एक साल में पत्रकारों, कर्मचारियों या मीडिया संगठनों से सार्वजनिक प्रसारणकर्ता की स्वायत्तता, नियुक्तियों या संपादकीय कामकाज को लेकर कोई शिकायत या औपचारिक प्रतिवेदन नहीं मिला है।
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने सपा सांसदों प्रिया सरोज और पुष्पेंद्र सरोज के प्रश्नों के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि हालांकि, सार्वजनिक प्रसारणकर्ताओं में नियुक्तियों से संबंधित सात शिकायतें आवेदकों से प्राप्त हुईं।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एक वर्ष में सार्वजनिक प्रसारणकर्ताओं की स्वायत्तता, नियुक्तियों या संपादकीय कामकाज से संबंधित पत्रकारों, कर्मचारियों या मीडिया संगठनों से कोई शिकायत या औपचारिक प्रतिवेदन नहीं प्राप्त हुआ। हालांकि, नियुक्तियों के संबंध में आवेदकों से सात शिकायतें मिलीं।’’
सांसदों ने प्रसार भारती, जिसके अंतर्गत दूरदर्शन (डीडी) और आकाशवाणी आते हैं, में पूर्वाग्रह, पारदर्शिता की कमी या संपादकीय स्वतंत्रता से समझौता किए जाने के आरोपों से जुड़ी संपादकीय या सामग्री संबंधी शिकायतों तथा उनकी आंतरिक समीक्षा या निगरानी व्यवस्था के विवरण उपलब्ध कराने को कहा था।
सरकार ने अपने उत्तर में कहा कि संपादकीय मामलों की प्रधान संपादक और वरिष्ठ संपादकीय दलों द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाती है। समाचारों की गुणवत्ता, सटीकता, संतुलन और प्रस्तुति में सुधार के लिए आवश्यकता पड़ने पर मार्गदर्शन और सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रसार भारती की संपादकीय नीतियों और कार्यक्रम संहिता का पालन हो।
सरकार ने सदन को यह भी बताया कि प्रसारण अवसंरचना एवं नेटवर्क विकास (बाइंड) योजना के तहत प्रसार भारती के प्रसारण ढांचे के विकास, आधुनिकीकरण और उन्नयन की योजना की अवधि मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश

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